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भट्‌टी की तरह तपा MP : गुना रहा सबसे गर्म, पारा 46 डिग्री के पार, भोपाल-इंदौर भी खूब तपे; तेज गर्मी का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश पिछले कुछ दिनों से जबरदस्त गर्मी से जूझ रहा है। गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर लू चलने से भीषण गर्मी का दौर बना रहा। प्रदेश के अधिकतर शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं। प्रदेश में गुना सबसे गर्म रहा। यहां रिकॉर्ड 46.6 डिग्री पारा दर्ज किया गया।

राजधानी भोपाल में भी गर्मी के तेवर तीखे रहे यहां पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये इस सीजन में सबसे ज्यादा है। वहीं इंदौर में दिन का तापमान 44.5 डिग्री पहुंच गया।

शहरों में इतना रहा तापमान

गुना में पारा 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 45.8 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री, उज्जैन में 45 डिग्री, इंदौर में 44.5 डिग्री, धार में 44.6 डिग्री, खरगोन में 44.6 डिग्री, भोपाल में 44.4 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री के अलावा अन्य स्थानों पर पारा 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच में बना रहा।

भोपाल में इस सीजन का सर्वाधिक तापमान

राजधानी भोपाल तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में आज दिन भर धूप के तेवर तीखे रहे, जिसके चलते गर्मी का दौर बना रहा। हालांकि शाम के समय आसमान से आंशिक बादल छा गए, लेकिन इससे गर्मी में कमी नहीं देखी गई। यहां दिन का पारा 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सर्वाधिक तापमान है। आने वाले कुछ दिनों तक यहां गर्मी के तेवर इसी तरह से बने रहने का अनुमान है।

क्यों पड़ रही प्रचंड गर्मी?

मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वैज्ञानिकों ने बताया कि दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुए है। वहीं दो ट्रफ लाइन में प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है, जिससे कुछ स्थानों पर आंशिक बादल छाए रहे। गर्मी का सबसे ज्यादा असर उत्तर और पश्चिमी मध्यप्रदेश में देखा गया, जहां अधिकतर स्थानों पर पारा 40 से 45 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

गर्मी में और बढ़ोतरी की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भी पारा में गिरावट की संभावना नहीं है। वहीं ग्वालियर चंबल संभागों के अलावा इंदौर और उज्जैन संभागों के अधिकतर जिलों में लू चलने से गर्मी का प्रचंड दौर बना रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने 25 और 26 मई को प्रदेश भर में गर्मी में और बढ़ोतरी की संभावना जताया है। इस दौरान प्रदेश के अधिकतर स्थानों पर लू चलने की संभावना है।

गर्मी में क्यों बढ़ता है स्ट्रोक का खतरा?

जेपी अस्पताल के सविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव के अनुसार गर्मी बढ़ने के कारण शरीर खुद को ठंडा ठीक से नहीं कर पाता है। इसके कारण रक्त पतला होने लगता है। इसे हाइपरकोएगुएबल स्टेट कहते हैं। गर्मी ज्यादा बढ़ने के कारण ब्लड क्लॉट होने का खतरा बढ़ जाता है। जिसके कारण स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है। इसलिए गर्मी में जरूरी है कि खुद को हाइड्रेट रखें। इसके साथ ही हीट स्ट्रोक में तेज गर्मी व लू की चपेट में आने से शरीर का तापमान बढ़ जाता है। जिसके चलते शरीर का नेचुरल कुलिंग सिस्टम हैंग हो जाता है, यानी काम नहीं करता है। ऐसे में सही उपाय अपनाने जरूरी हैं। यह स्थिति कई बार मौत का कारण भी बन जाती है।

हीट स्ट्रोक की स्थिति में ऐसे करें बचाव

सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है। तापघात की स्थिति में मरीज शॉक में चला जाता है। लू लगने की स्थिति में सबसे पहले मरीज को पानी पिलाकर शरीर के तापमान को कम करने के उपाय किए जाने चाहिए। सामान्य तापमान के पानी में कपड़े को भिगों कर शरीर पर मलना चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो इसका विशेष ध्यान रखें। साथी ही जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए।

आम जनता के लिए एडवाइजरी, करें ये उपाय

  1. धूप और प्यास से बचें
  2. पानी, छाछ, ओआरएस का घोल, लस्सी, नींबू पानी, आम का पना पिएं
  3. दोपहर 12 से 3 के बीच न निकलें बाहर
  4. धूप में जाएं तो सिर ढका रहे, टोपी, गमछा, छतरी और दुपट्टे का करें प्रयोग
  5. तला हुआ और गरिष्ठ भोजन न करे, मादक पदार्थ, शराब, चाय और कॉफी का भी करें परहेज
  6. ज्यादा गर्मी होने पर ठंडे पानी से शरीर पोंछे या बार-बार करें स्नान
  7. टाइट और सिंथेटिक के बजाय ढीले-ढाले सूती कपड़ों का करें प्रयोग

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