
नई दिल्ली। वायु प्रदूषण के कारण वर्ष 2021 में दुनिया भर में 81 लाख लोगों की मौत हुई। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया कि वायु प्रदूषण के चलते भारत 21 लाख और चीन में 23 लाख मौतें दर्ज की गर्इं। यूनिसेफ के साथ साझेदारी में अमेरिका के स्वतंत्र अनुसंधान संस्थान हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट ने रिपोर्ट जारी की।
मौतों का सबसे बड़ा कारण
रिपोर्ट में कहा गया कि दक्षिण एशिया में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण वायु प्रदूषण है। इसके बाद हाई बीपी, आहार और तंबाकू सेवन का स्थान आता है। 2021 में वायु प्रदूषण से होने वाली मौत के मामलों की संख्या किसी भी पिछले वर्ष के अनुमान से ज्यादा रही।
कैंसर रोगियों में बढ़ जाता है हृदय रोग का खतरा
- एक नए शोध में दावा किया गया है कि वायु प्रदूषण से कैंसर रोगियों में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। शोध में 2000 से 2023 के बीच प्रकाशित आठ दस्तावेजों की समीक्षा की गई है। शोध के निष्कर्ष जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी (जेएसीसी): कार्डियो-ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं।
- यह शोध 1.1 करोड़ से ज्यादा लोगों पर किया गया। सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) प्रदूषण के संपर्क में आने से शरीर की डिटॉक्सिफिकेशन यानी हानिकारिक तत्वों का बाहर निकालने की प्रक्रिया और सूजन के खिलाफ इसकी सुरक्षा कमजोर हो जाती है। यह कैंसर और हृदय रोग दोनों के लिए जोखिम पैदा करते हैं।