
भोपाल। कर्नाटक के बाद अब एमपी के स्कूलों में भी हिजाब का विवाद पहुंच गया है। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने आज एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम अनुशासन को प्राथमिकता देंगे, इसलिए स्कूलों में सभी विद्यार्थियों का एक ड्रेस कोड होगा।
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स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अगले सत्र से स्कूलों में लागू होगा नया ड्रेस कोड, जो बच्चों के बीच समानता के लिए होगा. #BreakingNews #HijabBan #MpNews #EducationMinister #SchoolDresscode pic.twitter.com/6IOu37TUKc
— Peoples Samachar (@psamachar1) February 8, 2022
स्कूल की एक अलग पहचान बने: शिक्षा मंत्री
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में स्कूल ड्रेस के अनुसार ही बच्चों को ड्रेस पहनना होगा। प्रदेश के सभी स्कूलों में बच्चों के लिए ड्रेस कोड पर हम काम कर रहे हैं। सभी विद्यार्थियों में समानता का भाव रहे, अनुशासन रहे और स्कूल की एक अलग पहचान बने। मध्यप्रदेश में अगले सत्र से ही हम गणवेश की सारी सूचनाएं पहले से दी जाएंगी। ताकि समय से सभी विद्यार्थी अपनी गणवेश तैयार करा लें। अगले सत्र में ड्रेस कोड पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। कोई अन्य ड्रेस यूनिफार्म का हिस्सा नहीं है।
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हिजाब पर कर्नाटक में जारी है विवाद
कर्नाटक में हिजाब पर विवाद जारी है, इस विवाद की शुरुआत 1 जनवरी को हुई थी। कर्नाटक के उडुप्पी में 6 मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने की वजह से कॉलेज के क्लास रूम में बैठने से मना कर दिया गया था। जिसके के खिलाफ वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कॉलेज मैनेजमेंट का कहना था कि ये यूनिफॉर्म पॉलिसी के खिलाफ है। जबकि हिजाब पहनने वाली लड़कियों का कहना है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है।