
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह की कोतवाली थाना पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल कुंडलपुर को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। हिंदूवादी संगठनों द्वारा एसपी को इस मामले को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद कल रात कोतवाली थाना पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ धारा 153 ए,177,505 (2) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
क्या है मामला ?
पुलिस के अनुसार, एफआईआर में दर्ज है कि शंभू विश्वकर्मा जिला संयोजक विहिप के शिकायत आवेदन अनुसार कि मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय महासचिव कांग्रेस दिग्विजय द्वारा 27 अगस्त को सुबह अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट किया था, जिसमें कहा गया था कि आचार्य श्री विधासागर महाराज द्वारा पल्लवित देश के सबसे भव्य मंदिरों में से एक श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर परिसर में कल रात्रि से बजरंग दल के कथित असामाजिक तत्वों द्वारा शिवजी की पिडी रख उत्पात शुरू कर चुके हैं स्थिति कभी भी गंभीर मोड ले सकती है।
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश
जबकि, वास्तविक स्थिति यह है कि इस प्रकार की कोई भी घटना घटित नहीं हुई है। दिग्विजय सिंह के उक्त ट्वीट से दमोह जिले में भय व्याप्त है तथा बजरंग दल को इस तरह से बदनाम किया जा रहा है, जिससे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने काफी आक्रोश है एवं दिग्विजय सिंह का उक्त टिविट समाज का आपसी सौहार्द बिगाड़ने का प्रसास कर रहा है। इसकी जवाबदारी दिग्विजय सिंह की है। अत: बजरंग दल दमोह महोदय से मांग करता है कि उपरोक्त तथ्यों के आधार पर मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर दमोह के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने के प्रयास की गंभीर कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर करने की करें जिससे दमोह जिले में किसी भी अप्रिय घटना को घटने से रोका जा सकें।
(इनपुट- धीरज जॉनसन)