FSSAI Action: नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलीवर को नोटिस, Resource Renal Powder और Mother Plus Kesar पर सवाल

खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने दो बड़ी FMCG कंपनियों Nestlé India और Hindustan Unilever Limited (HUL) को उनके उत्पादों से जुड़े कथित भ्रामक दावों और नियमों के उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किए हैं। नेस्ले के ‘रिसोर्स रीनल वनीला फ्लेवर पाउडर’ और HUL के ‘हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर’ से जुड़े दावों की जांच के बाद नियामक ने कंपनियों से जवाब मांगा है। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक उत्पाद किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों के खान-पान के लिए बनाया गया है, जबकि दूसरा गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषण से जुड़े दावों के साथ बेचा जाता है। हालांकि, नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि कंपनियों को अंतिम रूप से दोषी ठहरा दिया गया है।
FSSAI ने Nestle और HUL को क्यों भेजा नोटिस?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI देश में खाद्य उत्पादों की सुरक्षा, लेबलिंग और विज्ञापनों से जुड़े नियमों की निगरानी करता है। नियामक के अनुसार, नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलीवर के कुछ उत्पादों के दावों और नियामकीय अनुपालन को लेकर सवाल सामने आए हैं। FSSAI ने दोनों कंपनियों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में जवाब देने को कहा है। नियामक यह जांच रहा है कि उत्पादों के नाम, लेबल और प्रचार में इस्तेमाल किए गए दावे लागू खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
इस मामले में मुख्य रूप से दो उत्पाद चर्चा में हैं-
- Nestlé Resource Renal Vanilla Flavour Powder: क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से जुड़े खान-पान के प्रबंधन के लिए बनाया गया उत्पाद।
- Horlicks Mother Plus Kesar: गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषण से जुड़े दावों के साथ प्रचारित उत्पाद।
किडनी मरीजों के लिए बने पाउडर पर सवाल
FSSAI ने नेस्ले इंडिया के ‘Resource Renal Vanilla Flavour Powder’ को लेकर कथित नियामकीय उल्लंघनों पर नोटिस जारी किया है। यह उत्पाद क्रोनिक किडनी डिजीज यानी CKD से जूझ रहे लोगों के खान-पान के प्रबंधन के लिए बनाया गया है। नियामक के नोटिस के अनुसार, इस तरह के विशेष चिकित्सा उद्देश्य वाले खाद्य उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक (स्वास्थ्य पूरक, न्यूट्रास्यूटिकल्स, विशेष आहार उपयोग के लिए खाद्य और विशेष चिकित्सा उद्देश्य के लिए खाद्य) विनियम, 2022 के प्रावधान लागू होते हैं। संबंधित श्रेणी में आने वाले उत्पाद के लिए जरूरी पूर्व मंजूरी का पालन किया जाना चाहिए।
लेबलिंग में क्या कमी बताई गई?
नोटिस में कहा गया है कि उत्पाद के लेबल पर निर्धारित शाकाहारी या मांसाहारी निशान नहीं दिखाया गया था। खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर इस तरह की जानकारी उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति समझने में मदद करती है। अब नेस्ले इंडिया को इन मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। कंपनी के जवाब और नियामक की आगे की समीक्षा के बाद ही मामले में अगली कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
हॉर्लिक्स मदर्स प्लस केसर के दावों पर FSSAI की आपत्ति
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के उत्पाद ‘Horlicks Mother Plus Kesar’ को लेकर भी नियामक ने नोटिस जारी किया है। यह उत्पाद गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषण से जुड़ा है। FSSAI के अनुसार, उत्पाद के लेबल, विज्ञापनों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग की जांच में कुछ दावों को लेकर संभावित उल्लंघन सामने आए। नियामक ने खास तौर पर ‘हेल्दी बर्थ वेट’ यानी बच्चे के स्वस्थ जन्म-वजन से जुड़े दावों पर सवाल उठाए हैं।
‘हेल्दी बर्थ वेट’ के दावे पर क्या है विवाद?
नोटिस के मुताबिक, उत्पाद के लेबल और विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए दावे लागू खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 के अनुरूप होने चाहिए। FSSAI ने कहा है कि ऐसे दावे उपभोक्ताओं को उत्पाद से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों के बारे में भ्रामक धारणा दे सकते हैं। नियामक ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद के नाम और विवरण में गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चे के जन्म-वजन और मस्तिष्क के विकास से जुड़े दावों का भी उल्लेख किया है। इन दावों को लेकर नियामक ने नियमों के पालन पर स्पष्टीकरण मांगा है।
FSSAI के नोटिस के बाद कंपनियों के सामने क्या चुनौती है?
दोनों कंपनियों को नियामक की टिप्पणियों का जवाब देना होगा। FSSAI जवाबों की समीक्षा के बाद तय करेगा कि आगे किसी कार्रवाई की जरूरत है या नहीं। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाते हैं, तो लागू खाद्य सुरक्षा कानूनों और नियमों के तहत आगे कदम उठाए जा सकते हैं। लेकिन फिलहाल केवल नोटिस जारी होने के आधार पर उत्पादों को असुरक्षित घोषित करना या कंपनियों को दोषी मान लेना उचित नहीं होगा।
क्या हॉर्लिक्स और नेस्ले के उत्पादों पर प्रतिबंध लगा है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन दोनों उत्पादों से जुड़े कथित उल्लंघनों पर नोटिस जारी किए गए हैं और कंपनियों से जवाब मांगा गया है। नोटिस जारी होना अपने आप में उत्पाद पर प्रतिबंध लगने या कंपनी का लाइसेंस रद्द होने के बराबर नहीं है। इस मामले में अन्य खाद्य कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है, लेकिन उसे नेस्ले और HUL के नोटिस से अलग कार्रवाई के रूप में समझना चाहिए। संबंधित कंपनियों और उत्पादों के बारे में किसी भी अंतिम निष्कर्ष के लिए FSSAI के आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।



















