
श्रीलंका के बुजुर्ग नेता दिनेश गुणवर्धने नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने कोलंबो के फ्लावर रोड स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। श्रीलंका के नए राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने अपने मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई। विक्रमसिंघे ने गुरुवार को देश के आठवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। विक्रमसिंघे व गुणवर्धने की जोड़ी पर अब श्रीलंका को अभूतपूर्व आर्थिक संकट से उबारने का भार है।
विदेश, गृह व शिक्षा मंत्री रह चुके गुणवर्धने
राष्ट्रपति विक्रमसिंघ और पीएम गुणवर्धने दोनों की उम्र 73 साल है। दिनेश गुणवर्धने श्रीलंका के वरिष्ठ राजनेता, संसद सदस्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री और श्रीलंका के सांसद हैं। गुणवर्धने इससे पूर्व श्रीलंका के विदेश मंत्री व शिक्षा मंत्री रहे चुके हैं। पूर्ववर्ती राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने उन्हें अप्रैल में गृह मंत्री बनाया था।

श्रीलंका में नए राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन
आर्थिक संकट से घिरे श्रीलंका में रानिल विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने के बाद भी शांति में बहाली नहीं हुई है। विक्रमसिंघे को गोटबाया का मोहरा बताते हुए प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन और तेज कर दिया है। हालांकि विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने के बाद अब प्रदर्शनकारियों पर सख्त एक्शन भी शुरू हो चुका है। गुरुवार देर रात कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति सचिवालय के परिसर के बाहर, गाले फेस में फोर्स और सैकड़ों प्रदर्शनकारी आमने-सामने हो गए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप: राजपक्षे परिवार के करीबी हैं विक्रमसिंघे
आर्थिक संकट से घिरे श्रीलंका में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है, यहां लोगों ने पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। जिसके बाद अब रानिल विक्रमसिंघे को नया राष्ट्रपति चुना गया है। लेकिन लोग अब विक्रमसिंघे के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, उनका आरोप है कि वो राजपक्षे परिवार के करीबी हैं।
जानिए श्रीलंका संकट में अब तक क्या-क्या हुआ?
15 मार्च 2022 : राजपक्षे परिवार के खिलाफ प्रदर्शनकारियों ने विद्रोह शुरू कर दिया था। जिसके बाद सरकार ने खाद्य वस्तुओं पर इमरजेंसी लगा दिया।
2 अप्रैल 2022 : राष्ट्रपति आवास के बाहर हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए श्रीलंका में आपातकाल लगाया गया। जिसे 5 दिन बाद वापस ले लिया गया।
4 अप्रैल 2022 : बढ़ते प्रदर्शन को देखते हुए 26 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया था।
6 मई 2022 : विरोध प्रदर्शन उग्र होने लगा। जगह-जगह पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने लगी। जिसके बाद दोबारा आपतकाल लगाया गया।
9 मई 2022 : महिंद्रा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद रानिल विक्रमसिंघे नए प्रधानमंत्री बनाए गए।
5 जुलाई 2022 : प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे द्वारा श्रीलंका के दिवालिया होने की घोषणा के बाद प्रदर्शनकारी फिर उग्र हो गए।
9-10 जुलाई 2022 : हजारों प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति आवास में घुस गए। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रपति गोटबाया भाग खड़े हुए।प्रदर्शनकारियों ने लगाई पीएम के घर में आग। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा- वह भी इस्तीफा देने को तैयार हैं। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने श्रीलंका संसद के अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने से कहा कि वह 13 जुलाई को पद छोड़ देंगे।
11 जुलाई 2022 : 15 जुलाई को संसद के नए सत्र और 20 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव का ऐलान किया गया।
12 जुलाई 2022 : विपक्षी पार्टी SJB के प्रमुख सजित प्रेमदासा श्रीलंका के अंतरिस राष्ट्रपति बनाए गए।
13 जुलाई 2022 : प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। उग्र प्रदर्शनों को देखते हुए इमरजेंसी लगा दी गई।
14 जुलाई 2022 : राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे मालदीव छोड़ सिंगापुर पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और दो बॉडीगार्ड भी थे।
15 जुलाई 2022 : प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कार्यकारी राष्ट्रपति के तौर पर पद संभाला।
20 जुलाई 2022 : श्रीलंका की पार्लियामेंट ने पूर्व प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को नया राष्ट्रपति चुना। दिनेश गुणवर्धने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री बने।
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