
भोपाल। विधानसभा में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19206 करोड़ 79 लाख 529 रुपए के दूसरे अनुपूरक बजट को पेश किया, जिसमें सरकार ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन किया है। इस बजट में खास तौर पर मंत्रियों के बंगलों की सजावट और शासकीय आवासों की मरम्मत के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं, गेहूं खरीदी और विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान किया गया है।
मंत्रियों के बंगलों की सजावट पर विशेष ध्यान
इस अनुपूरक बजट में मंत्रियों के बंगलों की सजावट और शासकीय आवासों की मरम्मत के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही शासकीय आवासों की मरम्मत के लिए 205 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, मंत्री बंगलों और अन्य सरकारी भवनों की विशेष मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपए अलग से मांगे गए हैं।
सिंचाई परियोजनाओं और गेहूं खरीदी के लिए प्रावधान
वित्त मंत्री ने सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जिसका उपयोग जल संसाधन विभाग के तहत नहरों के निर्माण और मरम्मत के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, गेहूं खरीदी के लिए 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह कदम किसानों की मदद के लिए महत्वपूर्ण होगा, ताकि उनकी उपज को उचित मूल्य पर खरीदा जा सके।
विभिन्न योजनाओं के लिए बजट आवंटन
- औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजना के लिए 726 करोड़ रुपये।
- अटल गृह ज्योति योजना के लिए 622.4484 करोड़ रुपये।
- खाद्य विभाग के उपार्जन के लिए 2000 करोड़ रुपये।
- एमएसएमई प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन के लिए 1075.80 करोड़ रुपये।
- वन विभाग के वानिकी और वन्य जीव के विकास के लिए 293 करोड़ रुपये।
- मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के लिए 366 करोड़, 138 करोड़ और 96 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बिजली कंपनियों के लिए भुगतान
- अटल कृषि ज्योति योजना में सब्सिडी के रूप में 1991.7824 करोड़ रुपये।
- टैरिफ मद अनुदान के लिए 131.5435 करोड़ रुपये।
- एससी और एसटी उप योजना के तहत बिजली बोर्डों को 163.2651 करोड़ रुपये।
- अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए निशुल्क कृषि पंप और कनेक्शन की प्रतिपूर्ति के लिए 386.0827 करोड़ रुपये।
प्रदेश में बड़े पुल, सड़क निर्माण और ग्रामीण सड़कों के लिए बजट
प्रदेश में बड़े पुलों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये, सड़कों और ग्रामीण मार्गों के निर्माण और मरम्मत के लिए 2500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 805 करोड़ रुपये, ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के लिए 500 करोड़ रुपये और भू अर्जन की स्थिति में मुआवजा देने के लिए 500 करोड़ रुपये शामिल हैं।
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