
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय स्थित गंगा-जमुना स्कूल में कथित धर्मांतरण के आरोपों के बीच आज भारतीय जनता पार्टी के कथित कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी एस के मिश्रा पर स्याही फेंक कर मामले का विरोध जताया। इसी बीच स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने भी स्कूल प्रबंधन पर कई आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल को पहले क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद से कुछ संगठन उनका विरोध कर रहे थे।
जिला शिक्षा अधिकारी के ऊपर स्याही फेंकी
आज दोपहर जब जिला शिक्षा अधिकारी अपने वाहन में बैठकर कार्यालय से निकल रहे थे, तभी भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित बजाज और भाजपा नेता मोंटी रैकवार ने जिला शिक्षा अधिकारी पर स्याही फेंकी। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमित बजाज ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने गंगा-जमुना स्कूल से पैसे लेकर मामला रफा-दफा कर दिया था। उन्होंने पूरे हिंदू समाज का अपमान किया, इसलिए उनके मुंह पर कालिख फेंकी है।
छात्रों ने लगाया ये आरोप
इसी बीच कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें जबरदस्ती नमाज पढ़ाई जाती थी और ऐसा न करने पर शिक्षक उन्हें डांटते थे। एक छात्रा ने कहा कि स्कूल के अंदर हिजाब पहनाया जाता था। जो छात्रा हिजाब पहनकर नहीं जाती, उनके साथ मारपीट की जाती थी।
सीएम ने जाहिर की थी नाराजगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दमोह के इस स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाने और यहां अन्य प्रकार की इसी से जुड़ी गतिविधियां सामने आने पर नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद इस मामले में जांच तेज की गई और अगले ही दिन स्कूल की मान्यता भी निलंबित कर दी गई। बाल संरक्षण अधिकार आयोग की टीम के स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंचने पर इस स्कूल में तीन शिक्षकों के भी कथित धर्मांतरण का मामला सामने आया है।
#दमोह : जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि कुछ संदिग्धों ने यह हरकत की है। उन्होंने अचानक से स्याही फेंकी। मैं उनके नाम जानता हूं। वे गंगा – जमना मामले में यह सब कर रहे हैं, जबकि इस मामले में मेरा सीधा कोई लेना देना नहीं है।#TheDamohStory #MadhyaPradesh #Damoh #Hijab #LoveJihaad… pic.twitter.com/xXXaccbNAH
— Peoples Samachar (@psamachar1) June 6, 2023
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