संभाजी की वीरता और दर्दनाक मृत्यु पर नाट्य मंचन

जनयोद्धा नाट्य समारोह के तीसरे दिन पुणे के स्वतंत्र थिएटर ने दी प्रस्तुति
संभाजी की वीरता और दर्दनाक मृत्यु पर नाट्य मंचन

शहीद भवन में छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र संभाजी महाराज पर नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया। स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय जनयोद्धा नाट्य समारोह में नाटक ‘सिहर उठी थी मौत’ का निर्देशक अभिजीत चौधरी ने किया। स्वतंत्र थिएटर पुणे के कलाकारों का सशक्त अभिनय देखकर दर्शकों ने ताली बजाकर उनकी प्रशंसा की। सेट पर मराठा कॉस्ट्यूम पहने कलाकार उस दौर की भव्यता को प्रकट कर रहे थे। वसंत कानेटकर द्वारा लिखित मूलत: मराठी नाटक का हिंदी अनुवाद प्रस्तुत किया गया। संभाजी महाराज के साथ उनकी पत्नी महारानी येसू बाई, मालोजी बाबा, धनाजी, संताजी का अभिनय कर रहे कलाकारों की दर्शकों ने भरपूर सराहना की। नाटक ने न केवल संभाजी के व्यक्तित्व से परिचय कराया, बल्कि उनकी बहादुरी और दर्दनाक मृत्यु को भी प्रकट किया।

19 कलाकारों ने किया सशक्त अभिनय

बादशाह औरंगजेब का किरदार भी अपनी एक अलग छाप छोड़ता दिखा। मंच पर छेजान लॉयर, धनश्री, ऋषिकेश, सुमेध, अश्विन, सुयश, कुशल, प्रवेश, हिमांशु, अथर्व, सचिन सहित स्वतंत्र थिएटर के 19 से अधिक कलाकारों ने सशक्त अभिनय कर मराठा साम्राज्य की आजादी के लिए संभाजी राव द्वारा किए गए संघर्ष को साकार कर दिया। 12 फरवरी को शाम 6.30 बजे अभिषेक मुद्गल द्वारा निर्देशित एवं रंग मस्ताने जयपुर की प्रस्तुति बलिदान का मंचन होगा।

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