धार के जंगल में ड्रोन से खुला गांजे की खेती का राज, कपास और तुअल की फसल के बीच लगाए थे 3,345 पौधे

धार। कपास और तुअर की फसल के बीच गांजे के पौधे इस तरह छिपाए गए थे कि सामान्य तलाशी में उनकी पहचान करना मुश्किल था। धार-झाबुआ सीमा से लगे चौबारा गांव के दुर्गम जंगल में अवैध खेती का पता लगाने के लिए पुलिस को ड्रोन की मदद लेनी पड़ी। दो दिन तक चले सर्चिंग अभियान के बाद पुलिस ने मौके से गांजे के 3,345 पौधे बरामद किए। इनका कुल वजन 3,695 किलो यानी करीब 37 क्विंटल है। पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 43 लाख रुपए बताई है। कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी फरार है।
नशामुक्ति अभियान के तहत की कार्रवाइर
एएसपी पारुल बेलापुरकर के अनुसार, सरदारपुर तहसील के राजगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को मध्यप्रदेश पुलिस के नशामुक्ति अभियान के तहत अंजाम दिया गया। खेती करने वाले ने गांजे के पौधों को कपास और तुअर की फसल के बीच उगाया था, ताकि वे आसानी से नजर न आएं। कुछ पौधे करीब आठ फीट तक ऊंचे हो चुके थे। घनी फसल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच खेती की सही जगह चिह्नित करने के लिए ड्रोन से निगरानी की गई। लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने पौधों को काटकर जब्त किया। उनकी गिनती और जब्ती की प्रक्रिया में भी टीम को दो दिन लगे।
एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज
पुलिस के मुताबिक मामले में राजू पिता डूंगर सिंह भूरिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि जंगल में गांजे की खेती के लिए वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया था या नहीं। इसके अलावा, इस गतिविधि में आरोपी के रिश्तेदारों या अन्य लोगों की भूमिका होने की आशंका को देखते हुए संभावित नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
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जब्त गांजे के पौधों की कीमत 4 करोड़ से ज्यादा
इस संबंध में एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि कपास और तुअर के बीच गांजे की खेती की जा रही थी। 3,345 पौधे बरामद किए है जिनका कुल वजन 3,695 किलो है। इसकी कीमत करीब 4 करोड़ 43 लाख के आसपास होगी। आरोपी अभी फरार है तलाश की जा रही है।
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