ग्वालियर में बनने वाले देश केे पहले टेलीकॉम पार्क के लिए 500 करोड़ की मंजूरी, 28 अक्टूबर को भूमिपूजन की तैयारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में टेलीकॉम और मोबाइल निर्माण उद्योग को नई ऊंचाई देने के लिए ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम पार्क (टीएमजेड) विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल गई है। पार्क के लिए साडा और ग्वालियर विकास प्राधिकरण की ओर से 300 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध कराई गई है। पूरे क्षेत्र के विकास पर करीब 500 करोड़ रुपए खर्च किए जाने की योजना है। सरकार 28 अक्टूबर को इसका भूमि पूजन कराने की तैयारी कर रही है।
10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश की संभावना
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, पार्क में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश और 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलने की संभावनाएं हैं। इस परियोजना का उद्देश्य केवल मोबाइल फोन की असेंबलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि टेलीकॉम उपकरण, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और नई पीढ़ी की संचार तकनीक से जुड़े उद्योगों का एकीकृत इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए मोबाइल कंपनियों के साथ उपकरण निर्माता कंपनियों को भी निवेश के लिए आकर्षित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी उद्योगों को ग्वालियर में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास कर रहे हैं।
बड़ी कंपनियों को लाने की तैयारी
प्रस्तावित पार्क में एपल, सैमसंग और वनप्लस जैसी मोबाइल कंपनियों के निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की जा रही है। इसके अलावा डिक्सन, एरिक्सन और आईबीएम जैसी कंपनियों को भी टेलीकॉम क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों के लिए आकर्षित करने की योजना है। हालांकि, इन कंपनियों के निवेश और भूमि आवंटन की अंतिम स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। पार्क में मोबाइल डिवाइस, सिम कार्ड, एंटीना, टेलीकॉम चिप्स, वाई-फाई उपकरण, ऑप्टिकल नेटवर्क और अन्य सहायक उपकरणों के निर्माण की सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। साथ ही 6जी तकनीक के अनुसंधान एवं विकास के लिए भी अवसर तैयार किए जाएंगे। हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी और बहुमंजिला औद्योगिक भवनों के जरिए कंपनियों को तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने की योजना है।
ग्रीन कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
टेलीकॉम पार्क के आसपास ग्रीन कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे विकसित करने की योजना भी है, जिसे दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके अलावा साडा क्षेत्र से ग्वालियर वेस्टर्न बायपास का निर्माण भी प्रस्तावित है। बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक इकाइयों तक माल परिवहन और कर्मचारियों की आवाजाही आसान हो सकेगी।
डीपीआर में उद्योगों की राय
पार्क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से पहले विदेशों में विकसित ऐसे पार्कों का अध्ययन किया जाएगा। टेलीकॉम उद्योगों और कारोबारियों की जरूरतों के अनुसार लेआउट और सुविधाएं तय होंगी। निवेशकों को तैयार ढांचे में सीधे काम शुरू करने का विकल्प देने पर भी विचार है।
ड्रोन उद्योग भी देख रहा अवसर
नाइनस्टार्स इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज ने निवेश में रुचि दिखाई है। वहीं ड्रोन निर्माण और परीक्षण का इकोसिस्टम विकसित करने के लिए एयरबाउंड, आइडियाफोर्ज, नॉटिकल विंग्स, न्यूस्पेस एंड रिसर्च टेक्नोलॉजीज और अनमैन्ड सिस्टम्स से जुड़े प्रतिनिधियों ने निवेश संभावनाओं पर चर्चा की है। इससे ग्वालियर में टेलीकॉम के साथ उभरती तकनीकों के उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भूमिपूजन के साथ आवंटन भी
उद्योग विभाग के एसीएस नीरज मंडलोई ने कहा कि ग्वालियर में टीएमजेड पार्क के निर्माण की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसका भूमिपूजन किया जाएगा। इस दौर कुछ निवेशकों को भूमि आवंटन भी किया जाएगा। इस पार्क से लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
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