देवास एसपी पुनीत गेहलोद से खास बातचीत :जनता को बनाया पुलिसिंग का साझेदार, तकनीक से बदली कानून व्यवस्था की तस्वीर

जितेन्द्र शर्मा, देवास। बदलते दौर में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर ठगी, नारकोटिक्स नेटवर्क और अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। ऐसे समय में देवास पुलिस ने केवल पारंपरिक पुलिसिंग पर निर्भर रहने के बजाय जनता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है। देवास के पुलिस अधीक्षक आईपीएस पुनीत गेहलोद का मानना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा सहभागिता सबसे जरूरी है।
एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने देवास पुलिस की विभिन्न नवाचार आधारित पहलों, अपराध नियंत्रण की रणनीतियों, युवाओं की भूमिका और पुलिसिंग के बदलते स्वरूप पर खुलकर चर्चा की।
पुलिस चौपाल से बढ़ा जनता का भरोसा
एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि पुलिस चौपाल अभियान का उद्देश्य पुलिस और आमजन के बीच संवाद को मजबूत करना है। इसके तहत थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारी नियमित रूप से गांवों और वार्डों में जाकर लोगों से सीधे बातचीत करते हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस केवल घटना होने के बाद नहीं, बल्कि सामान्य परिस्थितियों में भी लोगों के बीच पहुंचती है। चौपालों के माध्यम से साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर चर्चा की जाती है। इससे पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम हुई है।
ऑपरेशन त्रिनेत्रम बना अपराधियों के लिए चुनौती
देवास पुलिस की सबसे चर्चित पहल “ऑपरेशन त्रिनेत्रम” रही है। इस अभियान के तहत जनसहयोग से जिले में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
एसपी ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत से 10 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं। जिले की 46 ग्राम पंचायतें और 5 नगर पंचायतें पूर्ण रूप से सीसीटीवी नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि कैमरे केवल अपराध रोकने में ही नहीं, बल्कि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी बेहद प्रभावी साबित हुए हैं। कई मामलों में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार किया गया।
22 हजार से ज्यादा युवा बने ‘डिजिटल पुलिस मित्र’
पुलिस और युवाओं को जोड़ने के लिए देवास पुलिस ने डिजिटल पुलिस मित्र अभियान शुरू किया। इसके तहत जिले के 1100 गांवों में व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। इन समूहों से 22 से 30 हजार युवा जुड़े हुए हैं। इनके माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव, सड़क सुरक्षा, शासन की योजनाओं और अपराधियों की पहचान संबंधी जानकारी साझा की जाती है। एसपी ने बताया कि कई बड़ी वारदातों में डिजिटल पुलिस मित्रों द्वारा दी गई सूचनाओं से अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित
नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुनीत गेहलोद को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि बालाघाट, मंडला और डिंडोरी क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान उनकी टीम ने महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। मध्यप्रदेश का नक्सल मुक्त होना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
पुलिस की छवि सुधारने पर विशेष जोर
एसपी का कहना है कि पुलिस के कुछ नकारात्मक मामलों को ज्यादा प्रचार मिलता है, जबकि अधिकांश पुलिसकर्मी समाज की सेवा में दिन-रात लगे रहते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार में सुधार के लिए मेडिटेशन तथा वेलनेस कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इससे पुलिस बल अधिक संवेदनशील और जनोन्मुखी बन रहा है।
युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह
युवाओं के लिए संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नशा किसी भी रूप में जीवन को बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि थोड़े समय के आकर्षण में पड़कर युवा अपना भविष्य खराब कर लेते हैं। स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता का आधार है।
यूपीएससी अभ्यर्थियों को दिया सफलता मंत्र
यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह देते हुए एसपी ने कहा कि यह परीक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि बेहतर नागरिक बनने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, अनुशासन और धैर्य के साथ तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को सफलता अवश्य मिलती है।











