
भोपाल। विधानसभा से निलंबित कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की अनुमति से ही विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। नरोत्तम मिश्रा और शिवराज में खुद झगड़ा है। उन दोनों के झगड़े के चलते दबाव में आकर अध्यक्ष ने मुझे सस्पेंड किया है। वह बायस्ड हैं और भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। जीतू ने कहा- चोरी करने वाला हमेशा मुंह छिपाता है। इसलिए 13 तारीख तक के लिए भाग गए। गौरतलब है कि शुक्रवार को भारी हंगामे के बीच सदन 13 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।
नरोत्तम ने कहा- अकेले पड़ गए हैं जीतू
इससे पहले नरोत्तम मिश्रा ने शुक्रवार को कहा कि जीतू पटवारी कांग्रेस में अकेले पड़ गए हैं। उनके साथ फिल्म शोले वाली स्थिति बन रही है। आधे इधर आओ, आधे उधर जाओ, बाकी मेरे पीछे आओ। उन्होंने कहा था कि जीतू के समर्थन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ही नहीं हैं। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कमलनाथ ने ही हस्ताक्षर नहीं किए। हालांकि, विधानसभा सदन स्थगित होते ही जीतू के घर पर समर्थकों की भारी भीड़ जुटी। इन्होंने- ‘जीतू तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे लगाए।
13 के बाद की रणनीति कमलनाथ करेंगे तय
यहां जीतू ने मीडिया से कहा- कमलनाथजी ने अनुमति दी, तभी अविश्वास प्रस्ताव आया है। उन्होंने कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी कहा कि अध्यक्ष की कार्यशैली भाजपा कार्यकर्ता जैसी है। उनके खिलाफ यदि पार्टी अविश्वास प्रस्ताव लाई है तो वह कमलनाथ के निर्देश पर लाई है। विपक्ष पर आरोप लगाते हुए जीतू ने कहा- उन्होंने (भाजपा) चर्चा नहीं की। किताबें फेंकी और भाग गए। चोरी करने वाला कभी मुंह दिखाता नहीं है, छिपाता है। 13 मार्च के बाद क्या करेंगे, इस सवाल के जवाब पर पटवारी ने कहा- नेता प्रतिपक्ष और कमलनाथ उस पर सारा निर्णय लेंगे।
#भोपाल : #कांग्रेस विधायक @jitupatwari के निवास के बाहर कांग्रेस विधायकों का शक्ति प्रदर्शन। @OfficeOfKNath जी ने सहमति भी दी अनुमति भी दी, तब #अविश्वास प्रस्ताव लाई है कांग्रेस। स्पीकर की कार्यशैली #बीजेपी कार्यकर्ता जैसी है। @INCMP @BJP4MP @Girish_gautammp #MPBudgetSession2023 pic.twitter.com/bKtq1Uh3Ld
— Peoples Samachar (@psamachar1) March 3, 2023
सारे डाकू एक साथ मिलकर लड़ रहे हैं
नरोत्तम कह रहे हैं कि जीतू पटवारी के साथ कांग्रेस ही नहीं है। कमलनाथ ने ही अविश्वास प्रस्ताव पर दस्तखत नहीं किए, इसके जवाब में पटवारी ने कहा- नरोत्तम मिश्रा कमलनाथ जी की बात कह रहे हैं। झगड़ा तो नरोत्तम और शिवराज जी का है। वो शिवराज जी को क्रिटिसाइज कर रहे हैं। उनकी आपसी लड़ाई में मेरा निलंबन हुआ है। सारे डाकू मिलकर आपस में लड़ रहे हैं।
गलती होती तो खेद जता देता
आपके भाषण और जो लिखकर दिया, उसमें अंतर था, इस सवाल के जवाब में जीतू पटवारी ने कहा- मैंने जो बोला, वही लिखकर दिया। उन्हीं बातों में मैं आज भी कायम हूं। यदि गलती होती तो कल ही खेद व्यक्त कर देता। विधानसभा अध्यक्ष ने जो किया शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के झगड़े में किया। लेकिन इसमें प्रदेश की जनता का नुकसान हो रहा है।