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Bhopal MD Drugs Case : ड्रग्स फैक्ट्री से ज्यादा गोदाम में मिला माल, पुलिस की छापेमारी में करोड़ों का रॉ मटेरियल बरामद

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Bhopal MD Drugs Case : ड्रग्स फैक्ट्री से ज्यादा गोदाम में मिला माल, पुलिस की छापेमारी में करोड़ों का रॉ मटेरियल बरामद
भोपाल। राजधानी भोपाल में गुजरात एटीएस और दिल्ली एनसीबी की संयुक्त छापामारी में एक बड़ा ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में 1814 करोड़ रुपए मूल्य की एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद हुई है और पुलिस ने हरीश अंजना समेत 3 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एमडी ड्रग्स फैक्ट्री के तीसरे आरोपित हरीश आंजना से पूछताछ की गई। पुलिस के सामने आरोपी ने कई राज खोले हैं। इससे पहले रविवार को गुजरात एटीएस सान्याल बाने और अमित चतुर्वेदी को हिरासत में ले जा चुकी है।

फैक्ट्री से ज्यादा गोदाम में मिला माल

गुजरात एटीएस और दिल्ली एनसीबी की कार्रवाई के बाद अब मध्य प्रदेश पुलिस भी एक्शन में आ गई है। पुलिस ने फैक्ट्री के पास स्थित गोदाम में छापा मारा, जहां पर बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला है। पुलिस ने करोड़ों रुपए से ज्यादा की कीमत का रॉ मटेरियल गोदाम से बरामद किया है। DIG अवधेश गोस्वामी ने ये कार्रवाई की है। भोपाल कमिश्नर के निर्देश पर गोदाम को सील किया गया है। मौके से पुलिस को 50 बॉक्स, 200 लीटर की 8 ब्लू टंकियां और 20 लोहे के ड्रम मिले हैं। [caption id="attachment_136536" align="aligncenter" width="600"] आरोपी हरीश आंजना।[/caption]

हरीश आंजना करता था ड्रग्स की सप्लाई

पुलिस के मुताबिक, हरीश आंजना से पूछताछ में पता चला है कि नशे के इस कारोबार में कई और लोग शामिल हैं। पुलिस को हरीश के एक साथी प्रेम पाटीदार का भी पता चला है, जो मंदसौर से फरार हो गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हरीश आंजना भोपाल में चल रही एमडी ड्रग्स फैक्ट्री में भागीदार था और वह ड्रग्स की सप्लाई का काम करता था। सान्याल बाने का एमपी में हरीश ही मैन ऑपरेटर है, जिसने हवाला के पैसे अमित तक पहुंचाए। ड्रग बनने के बाद हरीश ही उनकी सप्लाई संभाल रहा था, जिसके बदले बिक्री का 10 प्रतिशत हिस्सा होता था।

रिटायर्ड डीएसपी का बेटा है अमित

फैक्ट्री किराए पर लेने वाले आरोपी अमित चतुर्वेदी के पिता प्रकाश चंद्र चतुर्वेदी डीएसपी पद से रिटायर हुए थे। अमित का एक भाई दीपक चतुर्वेदी पीएनटी कॉलोनी के पास बनी द्वारिका हाउसिंग सोसाइटी का सेक्रेट्री है और होटल सयाजी के पीछे उसकी लेक व्यू नर्सरी भी है।

दिल्ली के गिरोह से जुडे़ भोपाल के तार

एनडीपीएस मामले में सजा के बाद सान्याल बाने की ऑर्थर रोड जेल में दिल्ली में कोकीन फैक्ट्री चलाने वाले कुख्यात ड्रग माफिया तुषार गोयल से मुलाकात हुई। यहीं बड़े स्तर पर ड्रग बनाकर सप्लाई करने की प्लानिंग बनी। दिल्ली गिरोह के जितेंद्र पाल सिंह जस्सी, हिमांशु कुमार, औरंगजेब सिद्दीकी और भरत कुमार जैन को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनसे पूछताछ और गुजरात से केमिकल की खरीदी का पीछा करते हुए एटीएस गुजरात पहले मंदसौर और फिर भोपाल पहुंची।

ड्रग्स घटनाक्रम इस प्रकार

  • रविवार (6 अक्टूबर) को हुई कार्रवाई में गुजरात एटीएस ने सान्याल प्रकाश बाने और अमित चतुर्वेदी को गिरफ्तार किया था।
  • इन आरोपियों से पूछताछ में हरीश अंजना का नाम सामने आया, जो एक पुराना और चर्चित ड्रग सप्लायर है।
  • रविवार (7 अक्टूबर) को हरीश अंजना को मंदसौर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया।
  • भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित बगरोदा इंडस्ट्रियल एरिया में पिछले छह महीनों से साबुन फैक्ट्री के नाम पर अवैध एमडी ड्रग्स का निर्माण हो रहा था।
  • छापामारी में पुलिस ने 907.09 किलो एमडी (लिक्विड और सॉलिड फॉर्म में) और 5 टन रॉ मटेरियल (जैसे ग्राइंडर, हीटर, मोटर, ग्लास फ्लास्क) बरामद किए।
  • यह ड्रग्स 1814 करोड़ रुपए की कीमत के थे।
  • साबुन फैक्ट्री की आड़ में एमडी ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था।
  • करीब 2 साल पहले, प्लॉट के मूल मालिक ने इसे बेचा था और एसके सिंह ने इसे साबुन फैक्ट्री के लिए किराए पर दिया था, जिसे बाद में अमित चतुर्वेदी ने अपना अड्डा बना लिया।
  • अमित चतुर्वेदी (57) को पहले भी ड्रग्स के मामलों में सजा मिल चुकी है।
  • 2017 में सान्याल प्रकाश बाने को महाराष्ट्र में 1 किलो एमडी के साथ पकड़ा गया था और उसे 5 साल की सजा हुई थी।
  • जेल से बाहर आने के बाद, अमित और सान्याल ने मिलकर फिर से एमडी का उत्पादन और बिक्री शुरू किया।
  • पिछले डेढ़ महीने से गुजरात एटीएस इस फैक्ट्री पर निगरानी रखे हुए थी, जो ड्रग्स के अवैध निर्माण और बिक्री में लिप्त थी।
  • पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर भोपाल पुलिस और एनसीबी दिल्ली के सहयोग से यह कार्रवाई की गई।
  • पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्य और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।
  • ड्रग्स के इस सिंडिकेट के बारे में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिनसे पुलिस को इस गिरोह के विस्तार और इसके पीछे के कर्ताधर्ताओं का पता चल सकता है।
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Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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