Bhopal Crime News : डॉक्टर के घर डाका डालने वाले 5 गिरफ्तार, ड्राइवर ही निकला मास्टरमाइंड; 49 लाख बरामद, 5 घंटो में हुआ खुलासा
नाबालिग भाई के जरिए करा रहा था रैकी, भरोसे को किया तार-तार

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए हैं। चूना भट्टी थाना अंतर्गत शाहपुरा बी सेक्टर में सोमवार देर रात एक डॉक्टर के घर हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोल दिया। पुलिस ने चंद घंटों में वारदात का खुलासा करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। इस केस में घर का नौकर (ड्राइवर) लक्ष्मण ही मास्टरमाइंड निकला। तकरीबन एक करोड़ की इस डकैती का पुलिस ने महज 5 घंटे में खुलासा कर दिया। इस केस में पुलिस ने ड्राइवर और उसके चचेरे नाबालिग भाई समेत पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 49 लाख की नकद राशि की रिकवरी कर ली है।
इस वारदात के लिए लक्ष्मण का साथ देते हुए नाबालिग नौकर ने साजिश के मुताबिक डकैतों के आने पर घर का दरवाजा खोला और पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी नाबालिग ने खुद पर भी हमला करवाया। राजधानी में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद जब पुलिस ने सभी पहलूओं की बारीकी से जांच शुरू की तो नाबालिग नौकर पर ही पुलिस को संदेह हुआ। उससे पूछताछ के दौरान सामने आया कि ये वारदात उसके भाई के दिमाग की उपज है और इसके लिए उसने मंडीदीप (रायसेन) की एक आपराधिक गैंग की मदद ली गई है।
छोटा दिमाग बड़ी साजिश
भोपाल के पॉश इलाके चूनाभट्टी में रहने वाली डॉक्टर अंशुल सिंह के घर सोमवार देर रात ड़कैती हुई थी। जिस समय डॉक्टर अपने परिवार के लोगों के साथ घर से बाहर गई थीं, उस समय तकरीबन आधा दर्जन बदमाशों ने घर में घुस कर इस वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान घर में मौजूद नौकर दंपति और एक अन्य नाबालिग नौकर से मारपीट कर डकैत लगभग 50 लाख का कैश और जेवर ले उड़े। वे अपने साथ घर में रखे एटीएम कार्ड भी ले गए थे। मुख्य आरोपी लक्ष्मण इसी परिवार के होशंगाबाद रोड स्थित फॉर्म हाउस पर रहता था, जबकि उसका चचेरा नाबालिग भाई डॉक्टर के घर में अन्य नौकरों के साथ रहता था।
इस वारदात के लिए लक्ष्मण का साथ देते हुए नाबालिग नौकर ने साजिश के मुताबिक डकैतों के आने पर घर का दरवाजा खोला और पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी नाबालिग ने खुद पर भी हमला करवाया। राजधानी में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद जब पुलिस ने सभी पहलूओं की बारीकी से जांच शुरू की तो नाबालिग नौकर पर ही पुलिस को संदेह हुआ। उससे पूछताछ के दौरान सामने आया कि ये वारदात उसके भाई के दिमाग की उपज है और इसके लिए उसने मंडीदीप (रायसेन) की एक आपराधिक गैंग की मदद ली गई है।





















