नवरात्रि में अंधेरे में डूबे गांव, बिजली कटौती से किसान और ग्रामीण परेशान, बमोरी विधायक ने MD से की बात

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले की बमोरी विधानसभा में बिजली कटौती का मुद्दा ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, शाम होते ही कई जगह बिजली गुल हो जाती है, जिससे घरों के जरूरी काम प्रभावित होते हैं। इन दिनों नवरात्रि के चलते गांवों में माता रानी की झांकियां सजाई गई हैं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिजली नहीं रहने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। वहीं, फसल कटाई के काम में जुटे किसान दिनभर की मेहनत के बाद घर लौटकर पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। विधायक ने इस समस्या को संबंधित अधिकारियों के सामने उठाया है।
अधिकारियों ने बताया लोड शेडिंग का मामला
बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल ने बताया कि क्षेत्र के ग्रामीण लगातार फोन कर बिजली कटौती की शिकायत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना किसी स्पष्ट जानकारी के बिजली बंद होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। विधायक ने जब जिले के बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की, तो उन्हें बताया गया कि लोड शेडिंग का फैसला जिला स्तर पर नहीं, बल्कि भोपाल स्थित ऊर्जा विभाग की ओर से लिया जा रहा है।
ऊर्जा विभाग के MD से फोन पर चर्चा
ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए विधायक ऋषि अग्रवाल ने ऊर्जा विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) से फोन पर बात की। विधायक के अनुसार, MD ने बिजली कटौती के मामले को दिखवाने का भरोसा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नियमों के खिलाफ बिजली बंद की जा रही है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही समस्या का जल्द समाधान कराने का आश्वासन भी दिया गया है।
नवरात्रि और खेती के समय बढ़ी मुश्किलें
इस समय गांवों में नवरात्रि के धार्मिक आयोजन चल रहे हैं और किसान फसल कटाई में व्यस्त हैं। ऐसे में बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ रही है। रात में बिजली नहीं होने पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ घरों में खाना बनाने, पानी की व्यवस्था करने और दूसरे जरूरी कामों में भी दिक्कत आती है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार करेगा।
ग्रामीणों को समाधान का इंतजार
विधायक ने कहा कि बिजली आम लोगों की बुनियादी जरूरत है और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी नियमित आपूर्ति जरूरी है। अब लोगों की नजर ऊर्जा विभाग की अगली कार्रवाई पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगे और गांवों में पहले की तरह नियमित बिजली मिले, ताकि धार्मिक आयोजनों और खेती से जुड़े कामों में परेशानी न हो।
EDIT BY: ADITI RAWAT




















