Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

राजपुर में जंगली हाथी ने ग्रामीण को कुचला, मौके पर मौत,अलर्ट सिस्टम पर उठे सवाल

परसवारकला में हाथी की मौजूदगी के बीच हुआ हादसा, ग्रामीणों ने कहा- समय पर नहीं मिली चेतावनी,गश्त और मुनादी व्यवस्था मजबूत करने की मांग,बलरामपुर के राजपुर वन परिक्षेत्र के परसवारकला गांव में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना बड़खापारा इलाके में हुई, जहां हाथी ने ग्रामीण को कुचल दिया। हादसे के बाद गांव में दहशत और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर नाराजगी है।
राजपुर में जंगली हाथी ने ग्रामीण को कुचला, मौके पर मौत,अलर्ट सिस्टम पर उठे सवाल

विजय कुमार सिंह, बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना राजपुर वन परिक्षेत्र के परसवारकला गांव के बड़खापारा इलाके की बताई जा रही है। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर उसे कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने हाथी की मौजूदगी के बावजूद समय पर चेतावनी नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए वन विभाग की निगरानी और अलर्ट व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। 

राजपुर में फिर हाथी का हमला, ग्रामीण की मौत

बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी के हमले की एक और गंभीर घटना सामने आई है। परसवारकला गांव के बड़खापारा इलाके में हाथी ने एक ग्रामीण पर हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। 

/img/129/1790769107412

यह भी पढ़ें: Surajpur: सूरजपुर में हाथी का कहर,ग्रामीण की कुचलकर दर्दनाक मौत, जंगल में मिला शव

हाथी के सामने आया ग्रामीण, नहीं बच सकी जान

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण का सामना जंगली हाथी से हो गया। अचानक हुए हमले में हाथी ने उसे कुचल दिया। वन विभाग की ओर से घटना की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार घटना मंगलवार रात करीब 7:05 बजे की बताई गई है। 

ग्रामीणों का आरोप- पहले से थी हाथी की मौजूदगी

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग की सूचना और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के आसपास हाथी की मौजूदगी के बावजूद समय रहते प्रभावी तरीके से अलर्ट नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि ग्रामीणों को समय पर स्पष्ट सूचना मिलती तो लोग रात में घरों से बाहर निकलने को लेकर अधिक सतर्क हो

 सकते थे।

/img/129/1790769042683

यह भी पढ़ें: Surajpur: हाथी के हमले में बाइक सवार की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने 7 घंटे किया चक्काजाम

न मुनादी, न प्रभावी अलर्ट सिस्टम का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी के मूवमेंट की सूचना गांव तक पहुंचाने के लिए मुनादी और अन्य स्थानीय सूचना माध्यमों को प्रभावी बनाया जाना चाहिए था। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर नाराजगी है। हालांकि, मुनादी नहीं होने और सूचना व्यवस्था में लापरवाही के आरोप ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं; इन आरोपों पर विभाग का आधिकारिक पक्ष अलग से महत्वपूर्ण रहेगा।

रात में गश्त बढ़ाने की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने संवेदनशील गांवों और जंगल से लगे इलाकों में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही हाथियों की लोकेशन की जानकारी स्थानीय स्तर पर तत्काल साझा करने और गांवों में मजबूत अलर्ट सिस्टम विकसित करने की मांग उठी है।

परिवार को राहत और मुआवजे की मांग

ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को तत्काल राहत सहायता और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि जांच में सुरक्षा या सूचना व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

यह भी पढ़ें: अनूपपुर: जंगली हाथी का हमला, महिला की मौत; पति और बेटा गंभीर घायल, खेत से लौट रहे थे

राजपुर में पहले भी सामने आ चुके हैं हाथी हमले

राजपुर वन क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। जून 2026 में राजपुर वन परिक्षेत्र के कुंदी कला क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग दंपती की मौत की रिपोर्ट सामने आई थी।  छत्तीसगढ़ में सितंबर 2026 के दौरान भी हाथी से जुड़ी घटनाएं चर्चा में रही हैं। जशपुर में एक नर हाथी की मौत और उसके बाद कथित करंट वाले तार के मामले में वन विभाग की कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आई थी।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

Latest Posts