Har Ghar Tiranga: आज से 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत, जानें राष्ट्रीय ध्वज को फहराने के नियम

भारत इस साल आजादी की 75वीं वर्षगांठ का जश्न मना रहा है। देशभर में अभी सड़क किनारे सजावट से लेकर लोगों के घरों, गाड़ियों और प्रतिष्ठानों तक पर तिरंगे की धूम है। सरकार भी आजादी के 75 साल पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रही है। इसी के तहत आज से हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत हो रही है। आज से लोग अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा झंडा फहराएंगे। 13 से 15 अगस्त तक यह अभियान चलाया जाएगा।
क्या है हर घर तिरंगा अभियान?
आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत यह अभियान शुरू किया गया है। तिरंगा अभियान के जरिए सरकार की योजना है कि भारत के हर घर पर तिरंगा लहराए। इसके लिए सरकार ने 20 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया है। 13 से 15 अगस्त के बीच जन भारत के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने का सरकार का प्लान है।पीएम मोदी ने की थी अपील
बीते 22 जुलाई को खुद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से अपने घर पर तिरंगा फहराने की अपील की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि यह मुहिम तिरंगे के साथ हमारे जुड़ाव को गहरा करेगी। उन्होंने जिक्र किया कि 22 जुलाई, 1947 को ही तिरंगे को राष्ट्रध्वज के रूप में अपनाया गया था। ये भी पढ़ें- हर घर तिरंगा अभियान : PM Modi ने सोशल मीडिया पर बदली अपनी DP, देशवासियों से भी की प्रोफाइल पिक्चर बदलने की अपील2002 में फ्लैग कोड में हुआ बदलाव
आज हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है लेकिन एक समय था जब हर घर पर तिरंगे को लहराया नहीं जा सकता था। 2002 में फ्लैग कोड में बदलाव के बाद आम आदमी को ये अधिकार मिला। फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के क्लॉज 2.1 के अनुसार, हर व्यक्ति को स्वतंत्रता है कि वो सार्वजनिक, निजी या शैक्षीक संस्थान में तिरंगा फहरा सकते हैं। हालांकि, तिरंगे को फहराने के समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि 1971 के Prevention Of Insults To National Honour Act के तहत कुछ नियम हैं जिनको सभी को ध्यान में रखना चाहिए। ये भी पढ़ें- हर घर तिरंगा अभियान: लाल किले से संसद तक सासंदों ने निकाली तिरंगा बाइक रैली, स्मृति ईरानी दिखीं सबसे आगे; देखें Videoक्या हैं तिरंगे को फहराने के नियम?
- तिरंगा फहराते समय आप ध्यान रखें कि तिरंगा का सम्मान सर्वोपरि हो।
- गंदा या फटा हुआ झंडा नहीं फहराना चाहिए।
- तिरंगे को कभी भी उल्टा नहीं फहराना चाहिए।
- तिरंगा फहराने के समय सबसे ऊपर केसरी रंग नजर आना चाहिए।
- झंडे को किसी के भी समक्ष झुकाया नहीं जाए।
- तिरंगे के आसपास कोई दूसरा ध्वज उससे ऊंचा न हो, न ही उसकी बराबरी पर हो।
- तिरंगे के पोल पर कोई और चीज न रखी जाए। इसमें फूल मालाएं और प्रतीक चिन्ह शामिल हैं।
- तिरंगा फहराते समय न वो जमीन पर लगे न पानी में।
- तिरंगे को किसी पहनावे के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। आप अपने रुमाल, कुशन या किसी भी ऐसी चीज पर तिरंगे का इस्तेमाल नहीं कर सकते। साथ ही, तिरंगे पर कुछ लिखा भी नहीं जा सकता।



















