
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के साथ ही चुनाव आयोग आज चार राज्यों आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर 3 बजे मुख्य चुनाव आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इन राज्यों में विधानसभा का कार्यक्रम जून में ही खत्म होना है। चुनाव के ऐलान के साथ ही राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में भी आयोग चुनाव की घोषणा कर सकता है।
कहां कितनी सीटों पर होनी है वोटिंग
ओडिशा की 147, सिक्किम की 32, अरुणाचल प्रदेश की 60 और आंध्र प्रदेश की 175 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) की सरकार है। नवीन पटनायक यहां साल 2000 से मुख्यमंत्री बने हुए हैं। आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के नेता जगन मोहन रेड्डी मुख्यमंत्री हैं। अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। इसके अलावा सिक्किम में प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) की सरकार है। यहां भाजपा गठबंधन की सरकार में शामिल है।
एक दिन पहले ही नियुक्त हुए हैं दो चुनाव आयुक्त
नव नियुक्त निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू ने शुक्रवार को अपना प्रभार संभाल लिया। चुनाव आयोग में खाली चुनाव आयुक्तों के 2 पदों पर दोनों को एक दिन पहले यानी कि गुरुवार को नियुक्त किया गया था। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दो नवनियुक्त चुनाव आयुक्तों, ज्ञानेश कुमार और डॉ. सुखबीर सिंह संधू का स्वागत किया।
अभी इन राज्यों में किसकी सरकार
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में विधानसभाओं का कार्यकाल जून महीने में अलग-अलग तारीखों को खत्म हो रहा है।
अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश में जून में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होना है, इससे पहले राज्य में चुनाव होना है। राज्य में भाजपा की सरकार है और पेमा खांडू मुख्यमंत्री है। भाजपा ने 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में 60 में से 41 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। वहीं यूपीए को चार और पीपीए को एक सीट पर जीत मिली थी।
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में भी लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव करवाए जा सकते हैं। यहां वर्तमान में जगन मोहन रेड्डी की अगुवाई वाली वाईएसआर कांग्रेस की सरकार है। आंध्र प्रदेश में 2019 का विधानसभा चुनाव लोकसभा के साथ 11 अप्रैल को हुआ था। सभी 175 विधानसभा और 25 संसदीय सीटों पर एक साथ एक ही चरण में चुनाव हुए थे। 2019 में 175 सीटों पर हुए विधानसभा चुनाव में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने 151 सीटों पर जीत दर्ज की थी। एन चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी को विधानसभा की 23 सीटें और लोकसभा की तीन सीटें मिली थी। वहीं इस चुनाव में भाजपा, टीडीपी और पवन कल्याण की जन सेवा पार्टी गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी।
ओडिशा
यहां बीजू जनता दल की सरकार है और नवीन पटनायक मुख्यमंत्री है। 2019 में बीजन ने 137 में से 112 सीटों पर जीत दर्ज की बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। ओडिशा में 2019 में विधानसभा चुनाव 11 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच हुए थे। नवीन पटनायक यहां 20 साल से सत्ता में बने हुए हैं। उनकी पार्टी बीजेडी ने 2019 में 147 सीटों वाले विधानसभा में 117 सीटें जीती थी। लोकसभा के साथ ही हुए चुनाव में कांग्रेस ने 16 और बीजेपी को 10 सीटें मिली थी।
सिक्किम
सिक्किम में लोकसभा की 1 और विधानसभा की 32 सीटें हैं। सिक्किम विधानसभा की 32 सीटों पर विधानसभा चुनाव होंगे। प्रेम सिंह तमांग उर्फ पीएस गोले के नेतृत्व में राज्य में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) की सरकार है। 1994 से लेकर 2019 तक राज्य में सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) की सरकार रही। 2019 में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सिक्किम में भी 11 अप्रैल को लोकसभा के साथ ही चुनाव हुए थे।
जम्मू-कश्मीर
2024 में जम्मू-कश्मीर में भी विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने के बाद जम्मू कश्मीर को बांटकर जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में दो केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया है। साल 2019 में धारा 370 हटाए जाने के बाद से ही केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव नहीं हुए हैं, ऐसे में लंबे समय से चुनाव की मांग भी की जा रही है।
पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था. हालांकि, यहां अप्रैल-मई में चुनाव कराने को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अगर लोकसभा के साथ ही यहां चुनाव कराए जाते हैं, तो यह अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद पहला चुनाव होगा। परिसिमन के बाद यहां विधानसभा की सीटें 83 से बढ़ाकर 90 की गई हैं। इसमें अनुसूचित जाति के लिए सात और नौ सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की गई हैं।
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