सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने इसे पहले की तरह 7.1% सालाना पर ही बरकरार रखा है। इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि सरकारी कर्मचारियों को इस तिमाही में भी अपने निवेश पर पहले जैसा ही रिटर्न मिलता रहेगा।
सरकार ने सिर्फ GPF ही नहीं बल्कि PPF की ब्याज दर भी 7.1% पर स्थिर रखी है। इसके अलावा सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसी छोटी बचत योजनाओं में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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सरकार की ओर से तय की गई यह 7.1% ब्याज दर सिर्फ GPF तक सीमित नहीं है बल्कि कई अन्य प्रोविडेंट फंड्स पर भी लागू होगी। इनमें सेंट्रल सर्विसेज GPF, ऑल इंडिया सर्विसेज प्रोविडेंट फंड, रेलवे और डिफेंस से जुड़े फंड शामिल हैं। इसका मतलब है कि अलग-अलग सरकारी विभागों में काम कर रहे लाखों कर्मचारियों को इसी दर से ब्याज मिलेगा।
GPF की ब्याज दर पिछले कई क्वार्टर से 7.1% पर ही बनी हुई है। सरकार ने इस बार भी इसमें कोई बदलाव नहीं किया जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
जनरल प्रोविडेंट फंड एक सुरक्षित बचत योजना है जो सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए होती है। इसमें कर्मचारी हर महीने अपनी सैलरी का एक हिस्सा जमा करते हैं। इस पर मिलने वाला ब्याज समय के साथ जुड़ता रहता है और रिटायरमेंट के समय एक बड़ी रकम के रूप में मिल जाता है। यही वजह है कि इसे सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प माना जाता है।
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अगर EPF की बात करें तो इस पर फिलहाल 8.25% ब्याज मिल रहा है। यह दर पहले से तय है और इसमें भी कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। इसका मतलब है कि प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को GPF के मुकाबले थोड़ा ज्यादा रिटर्न मिल रहा है।