
भोपाल। दमोह जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में संचालित आदिम जाति कल्याण विभाग के क्लर्क पीएल कोरी को 3000 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों लोकायुक्त की टीम ने पकड़ा। लोकायुक्त में शिकायत की गई थी कि शासन की सहायता राशि को अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए बाबू के द्वारा रिश्वत मांगी जा रही है।
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बाबू ने 5000 हजार की रिश्वत मांगी गई थी
जानकारी के अनुसार, पथरिया विकासखंड आर अहिरवार के द्वारा इसकी शिकायत लोकायुक्त में की गई थी कि शासन द्वारा सहायता राशि दी जानी थी। उस राशि को अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए बाबू के द्वारा 5000 हजार की रिश्वत मांगी गई थी। 2000 हजार की राशि दी जा चुकी थी। 3000 हजार की राशि बकाया होने पर इसके द्वारा लोकायुक्त में शिकायत की गई थी। जिसके बाद लोकायुक्त सागर की टीम ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में छापा मारकर रिश्वतखोर बाबू को गिरफ्तार कर लिया है।
लोकायुक्त एसपी से की थी शिकायत
जानकारी देते हुए लोकायुक्त इंस्पेक्टर मंजू सिंह ने बताया कि पीड़ित के द्वारा लोकायुक्त एसपी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई है। बाबू को 3000 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है।
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