
भोपाल। राजधानी में लंबे समय से पुलिस को शिकायत मिल रही है कि विदेश से चरस की तस्करी हो रही है। पुलिस इन तस्करों को बेनकाब करने के लिए लगातार प्लान बना रही है। इसी सिलसिले में गोविंदपुरा इलाके से क्राइम ब्रांच ने तस्करों को गिरफ्तार कर चरस गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह शहर के अलग-अलग इलाकों में चरस बेचकर समाज की रगों में जहर घोल रहे थे। तस्करों के पास से 1 करोड़ 80 लाख रुपए की 9 किलो चरस बरामद हुई है।
मजदूर और ऑटो चालक कर रहे थे स्मगलिंग
क्राइम ब्रांच ने मोहम्मद ताहिर सोहनलाल मेसकर और शारदा देवी को धर दबोचा। इनमें से आरोपी मोहम्मद ताहिर ऑटो चलाने की आड़ में चरस की तस्करी कर रहा था। आरोपी महिला को लेबर के रूप में इस्तेमाल करते थे और माल की डिलीवरी करने के बदले उसे 5 हजार रुपए मिलते थे। हालांकि इस गैंग का सरगना अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।
इन इलाकों में सप्लाई करते थे चरस
डीसीपी श्रुतकीर्ति के मुताबिक चरस गैंग लंबे समय से भोपाल में इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे। तस्करों से मिली जानकारी के अनुसार वे इसे कोलार, शाहजहांनाबाद, गौतम नगर इलाकों में बेचते थे।
नेपाल से बिहार के रास्ते भोपाल आती है चरस
पुलिस पूछताछ में तस्करों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। इस गैंग का सरगना नेपाल में बैठकर राजधानी में चरस की सप्लाई करवाता है। तस्कर नेपाल से ही सस्ते दामों पर अवैध मादक पदार्थ बिहार के रास्ते राजधानी भोपाल तक लाते हैं। इससे पहले क्राइम ब्रांच ने 100 किलो गांजा, ब्राउन शुगर और विदेश से लाई गई LSD भी पकड़ी है। बीते दिनों नेपाल से ही सप्लाई हुई 3 करोड़ रुपए की 13 किलो चरस भी बरामद हुई थी। ऐसे में लगातार हो रहे तस्करी के खुलासों से इस बात को भी बल मिल रहा है कि राजधानी भोपाल में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लए अब भी बहुत कड़े कदम उठाने की दरकार है।
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(इनपुट – विवेक राठौर)
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