
इंदौर। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में शुक्रवार (25 अक्टूबर) को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) ऑफिसर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया है। इंदौर लोकायुक्त ने यह कार्रवाई की है। जीएसटी अधीक्षक ने एक फर्म के निलंबित रजिस्ट्रेशन को बहाल करने और दो फर्मों के रजिस्ट्रेशन में सुधार करने के लिए रिश्वत मांगी थी।
जानें पूरा मामला
पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि सीजीएसटी अधीक्षक मुकेश त्रिपाठी को रंगेहाथों पकड़ा गया, जब वह अपने सरकारी दफ्तर में एक लेखा फर्म के संचालक राहुल बिरला से 20,000 रुपए की कथित रिश्वत ले रहे थे। उन्होंने बताया कि यह रकम एक मेडिकल फर्म का निलंबित पंजीयन बहाल करने और सरकारी रिकॉर्ड में तीन अन्य फर्मों के पते तथा मोबाइल नंबर बदलवाने के एवज में ली गई जिसे त्रिपाठी की पतलून की जेब से बरामद किया गया।
डीएसपी ने बताया कि सीजीएसटी अधीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है और रिश्वतखोरी के मामले की जांच जारी है।
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