
इंदौर। रामनवमी के मौके पर श्री बेलेश्वर महादेव मंदिर की बावड़ी धंसने की घटना में कई परिवारों ने अपनों को खो दिया। इस हादसे में 36 लोगों की जान चली गई। 24 घंटे चले तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान परिजन अपनों के इंतजार में बैठे रहे, लेकिन, उनके आंसू नहीं थम रहे थे। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कल से आज तक जुटे रहे कर्मचारी शंकर खरात ने Peoplesupdate.com से बातचीत में बताया कि किस तरह से उन्होंने लोगों के शवों को कुएं से बाहर निकला।
टीमें बारी-बारी से नीचे उतरी
24 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद बावड़ी में फंसे लोगों के शवों को सेना के जवानों की मदद से आखिरकार बाहर निकाल लिया गया। शुरुआत से रेस्क्यू ऑपरेशन जुटे कर्मचारी ने बताया कि किस तरह से लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। आखिरी शव निकालने के बाद रेस्क्यू कर्मी ने बताया कि 60 फीट गहरे कुएं में दो से तीन टीमें लगी हुई थी। सुबह पांच बजे से बारी-बारी से उतर रही थी। सबको समय दिया गया ताकि थके नहीं। उन्होंने बताया कि कुआं पुराना होने के कारण पानी की आवक चालू है। वहीं 60 फीट गहरे कुएं में करीब दो फीट की गाद थी।
एक कोने में फंसा मिला आखिरी शव
रेस्क्यू कर्मी ने बताया कि कुआं खोलने के कारण से उसकी जहरीली गैस खत्म हो गई थी। कुएं में नीचे उतरते समय सभी आवश्यक सुरक्षा के समान साथ में लेकर गए थे। मास्क किट के कारण अंदर दम घुटने नहीं दिया। चैंबर में सफाई करते हैं जब भी इसका उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि आखिरी व्यक्ति एक कोने में फंसे हुआ था। बडे़ से सिल्ले के नीचे और गाद में फंसा था। उन्होंने खुद को इस ऑपरेशन का असली हीरो नहीं बताया। कहा कि हम 7-8 बेलदार ने मेहनत की है।
#इंदौर बावड़ी घटना के पूरे 24 घंटे बाद आखिरी शव बरामद। 60 फीट गहरे कुएं में पानी और 2 फीट का गाद था। शव एक कोने में बडे़ से सिल्ले के नीचे फंसा मिला : #शंकर_खरात, रेस्क्यू कर्मी@ChouhanShivraj #महादेव_मंदिर #Stepwellcollapse #Temple #RoofCollapse #PeoplesUpdate #Indore #MPNews… pic.twitter.com/RCFpSYnXA2
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मेरे जीवन की सबसे बड़ी घटना : मंत्री सिलावट
कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ये बहुत ही दुखद घटना है। इसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है। 36 लोग हमसे बिछड़ गए। इस समय मध्य प्रदेश की पूरी सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री स्वयं यहां आए और उन्होंने जरूरी निर्देश भी दिए। जांच में जो बिंद आएंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी। मेरे जीवन की सबसे बड़ी घटना है।
#इंदौर : बहुत ही दुखद घटना है। इसके लिए मेरे पास शब्द नहीं है। 36 लोग हमसे बिछड़ गए। इस समय #मध्य_प्रदेश की पूरी #सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। #मुख्यमंत्री स्वयं यहां आए और उन्होंने जरूरी निर्देश भी दिए। जांच में जो बिंद आएंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी। मेरे जीवन की सबसे बड़ी… pic.twitter.com/WquIFI1nlg
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