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डॉन देगा अब प्रवचन… जूना अखाड़े में ये क्या बवाल मचा है

उत्तर प्रदेश। प्रयागराज महाकुंभ से पहले जूना अखाड़े द्वारा माफिया डॉन प्रकाश पांडेय ‘पीपी’ को मठाधीश बनाए जाने पर संत समाज में भारी विरोध हो रहा है। अल्मोड़ा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे प्रकाश पांडे को जूना अखाड़े ने नया नाम ‘प्रकाशानंद गिरि’ दिया है। हाल ही में अल्मोड़ा जेल के अंदर ही उसे दीक्षा दी गई, जिसके बाद संत समाज में इस फैसले को लेकर काफी आलोचना हो रही है। बता दें कि माफिया पीपी को छोटा राजन का राइट हैंड माना जाता था और वो दाऊद इब्राहिम को मारने के लिए कराची तक पहुंच था।

माफिया डॉन को मिला मठाधीश का पद

शिक्षक दिवस के अवसर पर 11 संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अल्मोड़ा जेल में जाकर उसे दीक्षा दी। इसके साथ ही पीपी को कई मंदिरों और मठों का उत्तराधिकारी भी घोषित किया गया। इस कदम के बाद संत समाज में हंगामा मच गया है और जूना अखाड़े के इस निर्णय की आलोचना शुरू हो गई है।

अखाड़े की ओर से आई सफाई

जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक महंत हरि गिरि ने एक मीडिया वेबसाइट को इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को जीवन में सनातन धर्म की शरण में आने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि पीपी को इस आधार पर अलग नहीं किया जा सकता कि वह एक अपराधी रहा है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद अखाड़ा प्रबंधन अब बैकफुट पर आ गया है और इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

छोटा राजन का था बहुत खास

प्रकाश पांडेय उर्फ पीपी का अपराध जगत से गहरा नाता रहा है। उत्तराखंड के रानीखेत का रहने वाला पीपी 1990 के दशक में कुमाऊं मंडल में अवैध शराब और तस्करी के मामलों में लिप्त था। इसके बाद वह मुंबई पहुंचा और छोटा राजन के गैंग में शामिल हो गया। यह वही समय था जब छोटा राजन, दाऊद इब्राहिम के गैंग से अलग हुआ था। पीपी का नाम कई आपराधिक घटनाओं में आया और 2010 में उसे वियतनाम से गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया। तब से वह जेल में बंद है।

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