Yaddein Serial: शूटिंग के बीच पप्पीज के साथ खेलती हैं गुलकी जोशी, इकबाल खान भी नहीं रोक पाते खुद को, जानें सेट का दिलचस्प किस्सा

टीवी सीरियल की शूटिंग के दौरान कलाकारों को लंबे समय तक कैमरे के सामने रहना पड़ता है। लगातार रिहर्सल, डायलॉग और अलग-अलग सीन की शूटिंग के बीच छोटे-छोटे ब्रेक उनके लिए काफी खास होते हैं। लेकिन सोनी सब के शो ‘यादें’ के सेट पर इन ब्रेक्स को और भी मजेदार बनाने के लिए कुछ नन्हें मेहमान पहुंच गए हैं। ये हैं प्यारे-प्यारे पप्पीज, जिनके साथ खेलना गुलकी जोशी और इकबाल खान को खूब पसंद आ रहा है। शो में डॉ. सृष्टि का किरदार निभाने वाली गुलकी जोशी ने बताया कि वह अक्सर सीन्स के बीच पप्पीज के साथ खेलती हैं और उन्हें खूब दुलार करती हैं। वहीं, डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे इकबाल खान भी इन नन्हें दोस्तों के साथ समय बिताने का मौका नहीं छोड़ते। सेट पर इनकी मौजूदगी ने कलाकारों और पूरी टीम के शूटिंग अनुभव को खुशनुमा बना दिया है।
शूटिंग सेट पर अचानक पहुंचे पप्पीज
सोनी सब के शो ‘यादें’ की कहानी इन दिनों एक नए मोड़ पर है। डॉ. देव मेहता सामुदायिक सेवा के लिए किल्लारी गांव पहुंच चुके हैं। शो में इस नए परिवेश के साथ कहानी को एक अलग रंग मिला है। इसी बीच सेट पर पप्पीज की एंट्री ने कलाकारों और क्रू के लिए कुछ यादगार पल जोड़ दिए हैं। शुरुआत में ये नन्हें मेहमान सेट पर इधर-उधर घूमते नजर आए। धीरे-धीरे कलाकार और क्रू के सदस्य इनके साथ घुलने-मिलने लगे। अब शूटिंग के बीच जब भी ब्रेक मिलता है, ये पप्पीज सबका ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं। सेट पर इनका अंदाज भी किसी को मुस्कुराने पर मजबूर कर सकता है। कभी ये खुशी-खुशी लोगों के पीछे घूमते हैं, तो कभी रिहर्सल कर रहे कलाकारों के पास जाकर बैठ जाते हैं। इनके साथ कुछ मिनट बिताने से व्यस्त शूटिंग शेड्यूल में भी सुकून के पल मिल जाते हैं।
गुलकी जोशी को पप्पीज के साथ खेलना है बेहद पसंद
‘यादें’ में डॉ. सृष्टि का किरदार निभाने वाली गुलकी जोशी को सेट पर पप्पीज के साथ समय बिताना काफी अच्छा लगता है। उनके मुताबिक, इन नन्हें दोस्तों के आते ही कलाकार कुछ देर के लिए अपने काम की व्यस्तता भूल जाते हैं। गुलकी जोशी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वह अक्सर सीन्स के बीच पप्पीज के साथ खेलती हैं और उन्हें प्यार करती हैं। उन्हें इनका जिज्ञासु स्वभाव भी काफी पसंद है। कभी ये उनके पीछे-पीछे घूमते रहते हैं, तो कभी रिहर्सल के दौरान पास आकर बैठ जाते हैं। गुलकी के लिए ये पल भले ही छोटे हों, लेकिन शूटिंग के दौरान मिलने वाली खुशी इन्हें खास बनाती है। उन्होंने बताया कि पप्पीज की मौजूदगी ने किल्लारी में चल रही शूटिंग को और भी मजेदार बना दिया है।
इकबाल खान भी पप्पीज के साथ बिताते हैं समय
डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे इकबाल खान के लिए भी सेट पर पप्पीज के साथ समय बिताना एक खास अनुभव बन गया है। उन्होंने बताया कि ये नन्हें मेहमान अब जैसे सेट के माहौल और कलाकारों के शेड्यूल से परिचित हो गए हैं। इकबाल के अनुसार, जैसे ही किसी सीन की शूटिंग खत्म होती है, पप्पीज वहां पहुंच जाते हैं। इसके बाद सेट पर मौजूद लोग उन्हें अपने पास बुलाने लगते हैं। कई बार कलाकार किसी सीन पर चर्चा कर रहे होते हैं, तभी कोई पप्पी आकर उनके पास बैठ जाता है। ऐसे में काम की बातचीत कुछ देर के लिए रुक जाती है और सबका ध्यान इन प्यारे मेहमानों की ओर चला जाता है। इकबाल ने बताया कि ये पल किसी योजना का हिस्सा नहीं होते, लेकिन अब शूटिंग के दिनों की खूबसूरत यादों में शामिल हो गए हैं। पप्पीज के साथ बिताया गया यह समय कलाकारों के लिए दिनभर की व्यस्तता के बीच एक छोटा-सा ब्रेक बन जाता है।
‘यादें’ की कहानी में किल्लारी गांव का नया रंग
सोनी सब का शो ‘यादें’ इन दिनों डॉ. देव मेहता की नई यात्रा को दिखा रहा है। सामुदायिक सेवा के लिए किल्लारी गांव पहुंचने के बाद उनके सामने एक नया परिवेश है। कहानी में आए इस बदलाव के बीच सेट पर पप्पीज की मौजूदगी कलाकारों के वास्तविक अनुभवों को भी खास बना रही है। जहां पर्दे पर कलाकार अपने किरदारों के जरिए दर्शकों तक कहानी पहुंचाते हैं, वहीं कैमरे के पीछे उनके ऐसे पल भी होते हैं, जो शूटिंग के माहौल को सहज और खुशनुमा बनाते हैं। गुलकी जोशी और इकबाल खान के लिए पप्पीज के साथ बिताया गया समय इसी अनुभव का हिस्सा है। यह किस्सा दिखाता है कि मनोरंजन की दुनिया में यादगार पल हमेशा बड़े सेट, मुश्किल सीन या खास तैयारियों से ही नहीं बनते। कई बार कुछ मिनट का खेल और किसी नन्हें दोस्त का साथ भी पूरे दिन को खास बना देता है।



















