Hastinapur Ke Veer: अर्जुन बने मां दुर्गा, दुर्योधन ने निभाया महिषासुर का किरदार; सोनी सब के शो में दिखेगा पौराणिक युद्ध

सोनी सब के पौराणिक धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में दर्शकों को एक खास प्रस्तुति देखने को मिलने वाली है। शो में अर्जुन का किरदार निभा रहे उर्वा सावलिया मां दुर्गा के रूप में नजर आएंगे, जबकि दुर्योधन की भूमिका निभाने वाले आयुध भानुशाली महिषासुर का किरदार निभाएंगे। दोनों कलाकार मां दुर्गा और महिषासुर के बीच हुए प्रसिद्ध युद्ध को नृत्य, संगीत और प्रभावशाली भाव-भंगिमाओं के जरिए जीवंत करेंगे। इस खास प्रस्तुति में पौराणिक कथाओं, भारतीय संस्कृति और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देखने को मिलेगा।
'हस्तिनापुर के वीर' में दिखेगा मां दुर्गा और महिषासुर का युद्ध
'हस्तिनापुर के वीर' महाभारत के पात्रों और उनके बचपन की कहानियों के माध्यम से साहस, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों को दर्शाता है। इस बार शो में एक ऐसी प्रस्तुति दिखाई जाएगी, जिसका संबंध भारतीय पौराणिक परंपरा के प्रसिद्ध प्रसंग से है। मां दुर्गा और महिषासुर का युद्ध अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी दुर्गा ने महिषासुर का वध करके देवताओं और संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी।
अर्जुन के रूप में नजर आने वाले उर्वा सावलिया बनेंगे मां दुर्गा
शो में अर्जुन की भूमिका निभा रहे उर्वा सावलिया के लिए मां दुर्गा का किरदार निभाना एक नया अनुभव रहा। आमतौर पर अर्जुन को महाभारत के एक कुशल धनुर्धर और योद्धा के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस प्रस्तुति में उर्वा एक अलग रूप में नजर आएंगे। मां दुर्गा की भूमिका के लिए उन्हें अपने नृत्य के स्टेप्स, चेहरे के भाव और शारीरिक मुद्राओं पर खास ध्यान देना पड़ा। इस प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने कई हफ्तों तक हर दिन अभ्यास किया। उर्वा के लिए यह सिर्फ एक नृत्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक ऐसे पौराणिक किरदार को मंच पर उतारने का अवसर है, जिसे भारतीय संस्कृति में शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है।
आयुध भानुशाली बनेंगे महिषासुर, दिखेगा दमदार अंदाज
दुर्योधन की भूमिका निभाने वाले आयुध भानुशाली इस विशेष प्रस्तुति में महिषासुर के रूप में दिखाई देंगे। महिषासुर को पौराणिक कथाओं में एक शक्तिशाली असुर के रूप में वर्णित किया गया है, जिसका सामना करने के लिए देवी दुर्गा ने युद्ध किया था। इस किरदार को निभाने के लिए कलाकार को अपने हाव-भाव, शारीरिक गतिविधियों और अभिनय के जरिए महिषासुर की शक्ति और प्रभाव को दिखाना होगा। अर्जुन और दुर्योधन के रूप में पहचाने जाने वाले दोनों कलाकारों का इस तरह अलग-अलग पौराणिक भूमिकाओं में नजर आना दर्शकों के लिए दिलचस्प अनुभव हो सकता है।
कई हफ्तों तक चला नृत्य का अभ्यास
उर्वा सावलिया ने इस प्रस्तुति के बारे में अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि मां दुर्गा की भूमिका मिलने पर वह कुछ नया करने को लेकर उत्साहित थे। उन्होंने कहा कि इस किरदार के लिए तैयार होना और इसे निभाना उनके लिए अनूठा अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि नृत्य के स्टेप्स और भाव-भंगिमाओं को निखारने के लिए कई हफ्तों तक रोजाना अभ्यास करना पड़ा। उनका कहना था कि यह सफर चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ आनंददायक भी रहा, क्योंकि इससे उन्हें अपने अभिनय का एक नया पक्ष दिखाने का अवसर मिला। उर्वा के अनुसार, इस खास प्रस्तुति का हिस्सा बनना उनके लिए शानदार अनुभव रहा। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि वह मां दुर्गा जैसे प्रतिष्ठित किरदार को पूरी मेहनत और सम्मान के साथ प्रस्तुत कर सकें।
मां दुर्गा और महिषासुर की कहानी क्यों है खास?
मां दुर्गा और महिषासुर की कथा भारतीय पौराणिक परंपरा में शक्ति, साहस और न्याय का प्रतीक है। यह कहानी बताती है कि अन्याय और अत्याचार चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः उनका सामना करने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प जरूरी है। इस प्रसंग का संबंध नवरात्रि और दुर्गा पूजा की परंपराओं से भी जुड़ा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में देवी दुर्गा की आराधना और महिषासुर वध की कथा को अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में प्रस्तुत किया जाता है। धारावाहिक में इस कथा को नृत्य और संगीत के माध्यम से दिखाने का उद्देश्य दर्शकों को मनोरंजन के साथ भारतीय पौराणिक कथाओं के एक प्रसिद्ध प्रसंग से जोड़ना है।
कब और कहां देखें 'हस्तिनापुर के वीर'?
अगर आप 'हस्तिनापुर के वीर' के नियमित दर्शक हैं, तो इस विशेष प्रस्तुति को देखना न भूलें।
- शो का नाम: हस्तिनापुर के वीर
- टीवी चैनल: सोनी सब
- प्रसारण के दिन: सोमवार से शनिवार
- समय: रात 9 बजे
- मुख्य कलाकार: उर्वा सावलिया और आयुध भानुशाली
इस विशेष प्रस्तुति में नृत्य, संगीत, पौराणिक कथाओं और कलाकारों के अभिनय का मेल देखने को मिलेगा।



















