
भोपाल। राजधानी की ब्रांडिंग और नेशनल एवं इंटरनेशनल लेवल पर शहर की खूबियों को बताने के लिए गठित भोपाल एक साथ टीम (बेस्ट) फोरम के मेंबर्स ने यहां के लिए एक रोड मैप तैयार किया है। इस गैर राजनीतिक फोरम के सदस्यों ने रविवार को एक निजी होटल में चर्चा के दौरान विश्व स्तरीय सुविधाएं जुटाने और यहां के एक्यूआई को कम करने की दिशा में मंथन किया। इस दौरान ये भी चर्चा की गई कि, भोपाल में निवेश और रोजगार को कैसे आकर्षित कर इसे टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग का हब बनाया जाए। इस दौरान बेस्ट के सभी सदस्यों ने सीनियर सिटीजन और महिला सुरक्षा के साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार जैसे कई मुद्दों पर विचार रखे। ये सुझाव जल्द ही केंद्र और राज्य सराकारों को भेजे जाएंगेे।
नेचुरल ब्यूटी से विदेशी टूरिस्ट को करें आकर्षित
मीटिंग के आयोजक स्पर्श द्विवेदी ने बताया कि इस साल जनवरी में लेट्स ब्रांड भोपाल मुहिम की शुरुआत की गई थी। जिसमें ऐसे नागरिक भी जुड़े जो भोपाल की प्रगति को लेकर प्रतिबद्ध थे। सभी ने बैठक में कहा कि भोपाल की ब्रांडिंग के लिए नेचुरल ब्यूटी एक यूएसपी हो सकती है, जिससे ब़ड़ी संख्या में विदेशी टूरिस्ट्स को भी आकर्षित कर सकते हैं। इसी मुहिम के चलते बेस्ट ने शहर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम,कन्वेंशन सेंटर और फ्लाइट्स बढ़ाने की मांग की थी, जिस पर सरकार ने अमल भी किया था। संडे को हुई मीटिंग में सभी मेंबर्स को 14 टीमों में बांटा गया और इनके नाम भोपाल के तालाबों और डैम की तर्ज पर रखे गए।
ये सुझाव आए सामने
सभी सदस्यों ने अलग-अलग टॉपिक्स जैसे इन्वेस्टमेंट, इंफ्रा, स्पोर्ट्स, सिविल सिस्टम, हेल्थ, रोजगार, स्टार्टअप, प्रकृति, हेरिटेज, आर्ट्स और समाज सेवा पर अपने सुझाव दिए। सभी ने एकमत होकर कहा कि भोपाल को पुणे और बेंगलुरू की तर्ज पर स्टार्ट अप हब बनाते हुए यहां रोजगार बढ़ाए जा सकते हैं। इसके साथ ही सांई भोपाल की तर्ज पर नए स्पोर्ट एकेडमी, पर्यटन विकास के लिए नया सेंटर, निर्माण कार्यों के लिए मैनिट की तर्ज पर नया इंजीनियरिंग संस्थान भी प्राथमिकता से खोलने की जरूरत है। इसके अलावा शहर के बाहरी इलाकों में हरियाली और हेरिटेज के बीच वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने का सुझाव भी सामने आया।
सभी सदस्यों ने कहा कि अगर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पहाड़ों के बीच क्रिकेट स्टेडियम बना सकते हैं तो भोपाल में क्यों नहीं..? इसके बाद भोपाल की जानकारी बढ़ाने के लिए एक क्विज भी हुआ। सभी सदस्यों ने वोटिंग के जरिए तय किया की इनमें से कौन से मुद्दे वरीयता के हिसाब से पहले उठाने है और कौन सा मेंबर या टीम इसमें सक्रिय अपना योगदान दे सकते हैं। टीम मेंबर मीता वाधवा का कहना है कि बेस्ट का मकसद भोपाल वासियों का शहर से लगाव बढ़ाने के साथ यहां की तरक्की में योगदान देने का है।
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