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चीन की वुहान लैब से ही लीक हुआ था कोरोना का वायरस

अमेरिकी कांग्रेस ने 520 पेज की रिपोर्ट में किया खुलासा

वाशिंगटन। कोविड-19 महामारी की शुरुआत और इसके असर पर अमेरिकी कांग्रेस की जांच दो साल बाद पूरी हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह वायरस चीन के वुहान की एक लैब से लीक हुआ था। इस महामारी पर रिपब्लिकन के नेतृत्व वाली हाउस सेलेक्ट उपसमिति ने जांच की थी, जो 2 दिसंबर को जांच पूरी हुई। बता दें, कोविड के कारण 11 लाख अमेरिकियों की जान गई थी। अमेरिका द्वारा की गई यह जांच 2 साल तक चली और समिति ने अपने नतीजे में कहा कि यह इस सिद्धांत का समर्थन करता है कि कोविड-19 वायरस संभवत: चीन के वुहान में एक प्रयोगशाला से उत्पन्न हुआ था। 520 पन्नों की इस रिपोर्ट में संघीय और राज्य-स्तरीय प्रतिक्रियाओं, वायरस की उत्पत्ति और टीकाकरण प्रयासों की समीक्षा की गई।

भविष्य में महामारियों को रोकने में मदद करेगा : पैनल के अध्यक्ष ब्रैड वेनस्ट्रुप ने अमेरिकी कांग्रेस को लिखे पत्र में कहा कि यह काम अमेरिका और दुनिया को अगली महामारी की भविष्यवाणी करने, अगली महामारी के लिए तैयार करने, खुद को अगली महामारी से बचाने और उम्मीद है कि अगली महामारी को रोकने में मदद करेगा।

बेवजह था मास्क और लॉकडाउन लगाना

  • रिपोर्ट में कोरोना वायरस से निपटने के लिए अपनाए गए कई उपायों पर सवाल उठाए हैं। मास्क पहनने को वायरस के फैलाव रोकने में अप्रभावी बताया गया।
  • लॉकडाउन से हुई आर्थिक और मानसिक समस्याओं को इससे ज्यादा नुकसानदायक कहा गया।
  • सोशल डिस्टेंसिंग के छह फुट के नियम को भी वैज्ञानिक रूप से आधारहीन बताया गया।
  • स्कूलों को बंद करने के फैसले पर रिपोर्ट ने चिंता जताई। इसका बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक असर होगा
  •  हालांकि, रिपोर्ट में ऑपरेशन वार्प स्पीड की तारीफ की गई। यह ट्रंप प्रशासन की पहल थी, जिसमें वैक्सीन जल्दी विकसित की गई।

10 लाख डॉक्यूमेंट्स की समीक्षा की : यह रिपोर्ट इस बात को मानती है कि कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार सार्स कोव-2 वायरस, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से निकला था। यह पैनल 25 बैठकों, 30 से अधिक साक्षात्कारों और 10 लाख से अधिक दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा है।

राष्ट्रपति के मेडिकल एडवाइजर डॉ. फाउची को ठहराया दोषी

जांच में अमेरिका के राष्ट्रपति के पूर्व मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची की गवाही भी शामिल थी। रिपब्लिकन ने महामारी के लिए इस इम्युनोलॉजिस्ट को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि उन्होंने वायरस को तैयार करने वाले चीनी वैज्ञानिकों को फंडिंग की थी। हालांकि, डॉ. एंथनी फाउची ने इन आरोपों से इनकार किया था।

रिपोर्ट पांच साल बाद हुई जारी, इस हफ्ते होगी वोटिंग

रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब कोविड- 19 के पहले मामले सामने आए हुए पांच साल हो चुके हैं। यह महामारी अमेरिका में 11 लाख लोगों की जान ले चुकी है और पूरी दुनिया पर गहरा असर छोड़ा है। एशिया में इस महामारी के कारण करोड़ों लोग गरीबी के मुंह में चले गए। इस रिपोर्ट पर इस हफ्ते वोटिंग होनी है। यह देखना बाकी है कि क्या इससे नई नीतियां बनेंगी।

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