मार्च के आखिरी दिनों में जहां आमतौर पर तेज गर्मी दस्तक देने लगती है, वहीं इस बार मौसम ने पूरी तरह अलग रंग दिखाया है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना तो रहेगा, लेकिन इसके साथ अस्थिरता भी बनी रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर भारत से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर तक बारिश, तेज हवाएं, आंधी, बिजली और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर 15 से ज्यादा राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ किसानों के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत बढ़ गई है।
IMD के अनुसार, लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और अलग-अलग इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण हैं। ये सिस्टम वातावरण में नमी बढ़ाते हैं, जिससे बादल बनने लगते हैं और फिर बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान जैसी स्थितियां बनती हैं। यही वजह है कि मार्च के अंत में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है और लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है।
दिल्ली में 31 मार्च को मौसम करवट ले सकता है। दिन के समय हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि शाम होते-होते गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 20 से 30 किमी प्रति घंटा रह सकती है, जो झोंकों में 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही अगले दो दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर शरण लें।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बिजली गिरने और बारिश का खतरा बना हुआ है। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी संभव है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
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बिहार और झारखंड में मौसम का मिजाज ज्यादा उग्र रहने वाला है। यहां तेज बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। बिहार में हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जो नुकसानदायक साबित हो सकती है। वहीं झारखंड में भी बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना रहेगा। मौसम विभाग ने खासतौर पर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र(नागपुर, अमरावती, अकोला, चंद्रपुर, यवतमाल, वर्धा, भंडारा, गोंदिया और गडचिरोली) में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आंधी और ओले गिरने की आशंका जताई गई है। यह स्थिति फसलों के लिए नुकसानदेह हो सकती है।
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। केरल और माहे में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तटीय कर्नाटक में भी तेज वर्षा की संभावना है। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
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पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में भी भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 3 से 5 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान देश के कई हिस्सों में फिर से बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर शुरू हो सकता है। यानी फिलहाल मौसम का यह अस्थिर दौर कुछ और दिन जारी रहने की संभावना है।