
इंदौर। वैसे तो हादसे के बाद ही शासन-प्रशासन अलर्ट पर आता है, लेकिन यदि हादसे हो जाए उससे भी सबक ना लिया जाए तो उसे क्या कहेंगे। इंदौर का रानी सराय जहां पर दो पुलिस डीसीपी का ऑफिस संचालित होता है, वहीं इंदौर की अपराध शाखा भी इंदौर के रानी सराय पुलिस कंट्रोल रूम से संचालित होती है। यहां रोजाना सैकड़ों वाहन का आना जाना पुलिस कंट्रोल रूम में लगा रहता है। सैकड़ों आवेदन भी पुलिस कंट्रोल रूम रोजाना पहुंचते हैं। घटना मंगलवार सुबह 7 बजे की है जब नगर निगम का एक पानी का टैंकर रानी सराय की पार्किंग में पलट गया, लेकिन घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस का एक भी अधिकारी मौके पर पहुंचकर सुध लेने को तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि जमीन के नीचे 10 फीट का बड़ा गड्ढा हो चुका है।
#इंदौर : #रीगल_चौराहा रानी सराय स्थित #पुलिस_कंट्रोल_रूम के सामने बनी पार्किंग की जमीन धंसी। #नगर_निगम का एक टैंकर गड्ढों के कारण पलट गया। कोई भी अधिकारी सुध लेने को तैयार नहीं।@advpushyamitra #IndoreNagerNigam #MPPolice #Road #MPNews #PeoplesUpdate pic.twitter.com/zAzxUudZFq
— Peoples Samachar (@psamachar1) April 25, 2023
क्या हादसे के बाद जागेगा प्रशासन!
कुछ दिन पहले इंदौर का बावड़ी हादसा और उसके बाद सरवटे बस स्टैंड के सामने एक छज्जा गिर जाना। बावड़ी हादसे में जहां 36 लोगों की मौत हो गई थी और छोटे ग्वालटोली थाना क्षेत्र के छज्जा गिर जाने में 3 लोग घायल हो गए थे, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम में ही इस तरह का हादसे का न्योता देते हुए। यह गड्ढा भी इंतजार कर रहा है कि कोई हादसा हो और उसके बाद पुलिस प्रशासन जागे।
(इनपुट – हेमंत नागले)