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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एक्शन : सेना के टॉप जनरल को किया बर्खास्त, रक्षा विभाग के 5 और अधिकारियों पर भी एक्शन

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार रात एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका के सबसे सीनियर मिलिट्री अफसरों को बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन जूनियर समेत रक्षा विभाग के छह शीर्ष अफसरों को पद से हटा दिया। ट्रंप ने सी. क्यू. ब्राउन की जगह रिटायर्ड जनरल डैन कैन को यह जिम्मेदारी सौंपी है, जो पहले सक्रिय एफ-16 पायलट रह चुके हैं।

पद से हटाने के बाद क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनरल सी. क्यू. ब्राउन को बर्खास्त करने की घोषणा करते हुए उन्हें 40 वर्षों तक सेना में सेवा देने के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, वह जनरल ब्राउन को एक “अच्छे सज्जन” के रूप में जानते हैं और उनके परिवार के लिए उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। हालांकि, सी. क्यू. ब्राउन की बर्खास्तगी के पीछे उनकी ओर से 2020 में ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन का समर्थन करना और ट्रंप के साथ मतभेदों को मुख्य कारण माना जा रहा है।

पेंटागन के पांच और अफसरों को भी हटाया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सी. क्यू. ब्राउन के अलावा, ट्रंप ने पेंटागन के पांच अन्य उच्च-स्तरीय अफसरों को भी बर्खास्त कर दिया है। इनमें पहली बार नौसेना के प्रमुख पद पर बैठने वाली महिला अफसर एडमिरल लिसा फ्रैंचेटी, एयर फोर्स के डिप्टी चीफ जेम्स स्लाइफ और आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के तीन शीर्ष वकील शामिल हैं। हालांकि, इन अफसरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

डैन कैन को सौंपा गया जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ का पद

सी. क्यू. ब्राउन की जगह रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डैन कैन को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। डैन कैन पहले एफ-16 पायलट रहे हैं और हाल ही में सीआईए में सैन्य मामलों के एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर कार्य कर चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि, डैन कैन को “अत्यधिक योग्य और सम्मानित” समझा जाता है और वह अमेरिकी सेना को फिर से मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।

ट्रंप के सैन्य अधिकारियों में बदलाव के संकेत

ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि, आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना में और भी बड़े बदलाव हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि, उनका उद्देश्य अमेरिकी सेना को फिर से मजबूत बनाना और एक नई दिशा में ले जाना है, जिसमें “अमेरिका फर्स्ट” का सिद्धांत लागू होगा। यह सैन्य अधिकारियों के लिए एक बड़ा बदलाव हो सकता है, जो देश की सुरक्षा को एक नए रूप में देखने का संकेत देता है।

ब्राउन का योगदान और विवाद

जनरल सी. क्यू. ब्राउन ने अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने यूक्रेन में चल रहे युद्ध और चीन के खिलाफ रणनीतियों पर काम किया। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा, खासकर जब उन्होंने ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन का समर्थन किया था। यह आंदोलन राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक संवेदनशील मुद्दा था और इसके कारण दोनों के बीच तनाव बढ़ा था।

अमेरिकी इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव

यह घटना अमेरिकी इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव मानी जा रही है, क्योंकि आम तौर पर प्रशासन बदलने पर सैन्य प्रमुख की भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया जाता है। ट्रंप का यह कदम यह दर्शाता है कि वह अपनी सेना और सरकार में अधिक नियंत्रण चाहते हैं और केवल अपने समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाना चाहते हैं। जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ अमेरिका में सबसे सीनियर अफसर होता है। कानून के मुताबिक, यह राष्ट्रपति का मुख्य सैन्य सलाहकार होता है। आम तौर पर उनका कार्यकाल चार साल का होता है, लेकिन सी क्यू सिर्फ 16 महीने ही पद पर रह पाए।

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