
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने अभ्यर्थियों की मांगों को स्वीकार करते हुए गुरुवार को समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा स्थगित कर दी और प्रांतीय सिविल सेवा (PCS)- प्रारंभिक परीक्षा को पुराने पैटर्न पर आयोजित करने की घोषणा की। आयोग ने आरओ और एआरओ परीक्षाओं के लिए एक समिति बनाने की भी घोषणा की।
यूपीपीएससी कार्यालय के बाहर एक अधिकारी ने घोषणा की कि आयोग ने आरओ और एआरओ परीक्षा स्थगित करने और पुराने पैटर्न पर पीसीएस-प्री परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। एक पाली में परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी यूपीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
छात्र बोले- हमें घोषणा पर भरोसा नहीं
पीसीएस-प्री परीक्षा पहले की तरह आयोजित करने की घोषणा से कुछ अभ्यर्थियों में खुशी है, वहीं आरओ-एआरओ की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी कुछ निराश नजर आए। अभ्यर्थी राहुल पांडे ने कहा कि आरओ-एआरओ परीक्षा पर वांछित फैसला होने तक छात्र आंदोलन जारी रखेंगे। पांडे ने कहा, ”हमें इस घोषणा पर भरोसा नहीं है क्योंकि इस संबंध में आयोग की वेबसाइट पर कोई आधिकारिक सूचना अपलोड नहीं की गई है।” एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि सरकार “फूट डालो और राज करो” की नीति पर चल रही है। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि ऐसा इसलिये किया गया है ताकि पीसीएस-प्री के अभ्यर्थी यहां से चले जाएं।
डिप्टी सीएम बोले- छात्रों के हित में लेंगे निर्णय
इस बीच, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संपर्क किए जाने पर कहा कि सरकार छात्रों के हित में काम करेगी और उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा, “छात्रों के हित में निर्णय लिए जाएंगे।” इससे पहले, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने प्रयागराज दौरे के दौरान छात्रों के पक्ष में मांगें उठाईं। यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की बात करते हैं, वे एक ही दिन में परीक्षाएं नहीं करा सकते।

अभ्यर्थियों को जबरन उठा ले गई पुलिस
पुलिस ने गुरुवार सुबह धरना प्रदर्शन कर रहे कुछ अभ्यर्थियों को जबरन उठा लिया। इस दौरान वहां अफरा-तफरी मच गई। छात्राओं का कहना है कि, पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि, सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मी प्रदर्शन करने वाले कुछ छात्रों को जबरन घसीटते हुए ले गए हैं। इससे पहले बुधवार शाम को भी पुलिस ने 11 छात्रों को हिरासत में लिया था।
क्यों प्रदर्शन कर रहे छात्र
आयोग ने PCS की प्री परीक्षा 7 और 8 दिसंबर, जबकि RO/ARO की परीक्षा 22 और 23 दिसंबर को रखी है। दोनों परीक्षाएं दो दिन में होगी। आयोग ने पहली बार नॉर्मलाइजेशन यानी नॉर्मलाइज्ड स्कोर की प्रक्रिया लागू की है। छात्र इसी का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि परीक्षा एक ही दिन कराई जाए। नॉर्मलाइजेशन (मानकीकरण) की प्रक्रिया निरस्त की जाए।
क्या है विवाद
दरअसल, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस प्रीलिम्स 2024 और आरओ/एआरओ प्रीलिम्स 2023 परीक्षाओं को दो दिनों में, दो शिफ्ट में आयोजित करने का फैसला लिया है। अभ्यर्थी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रतियोगी छात्रों की मांग है कि, यूपी पीसीएस 2024 और आरओ एआरओ 2023 की प्रारंभिक परीक्षाओं को पहले की तरह एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में कराया जाए। उनका कहना है कि 2 दिन परीक्षा कराए जाने पर होने वाले नॉर्मलाइजेशन से उनका नुकसान होगा।
इस फैसले के खिलाफ 11 नवंबर को फिर से दिल्ली से लेकर यूपी तक अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। वे ‘वन डे वन एग्जाम’ की मांग के साथ प्रोटेस्ट कर रहे हैं। छात्राओं की मांग है कि, यूपीपीएससी की परीक्षाओं में नॉर्मलाइजेशन सिस्टम खत्म कर दिया जाए। उनके मुताबिक, लोक सेवा आयोग के नॉर्मलाइजेशन सिस्टम का तरीका निष्पक्ष नहीं है।
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