धार में कम बरसा पानी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम को लिखा पत्र-सूखा प्रभावित जिला घोषित करने की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश में कम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धार जिले में हालात ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं, जहां बारिश की कमी से खेतों में नमी घट गई है और रबी की बोनी व सिंचाई पर संकट मंडरा रहा है। इसे लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और गंधवानी विधायक उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर धार को सूखा प्रभावित घोषित करने और किसानों को तत्काल राहत देने की मांग की है।
धार में 42 प्रतिशत कम हुई बारिश
उमंग सिंघार ने कहा कि धार आदिवासी बाहुल्य जिला है और यहां बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका कृषि पर निर्भर है। इस वर्ष जिले में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके कारण खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है और सिंचाई के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसी स्थिति में रबी फसल की बोनी प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों पर आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
किसानों को हुए नुकसान का आकलन कराएं
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि धार जिले को सूखा प्रभावित घोषित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए तथा खरीफ फसल का सर्वे कराकर किसानों को हुए नुकसान का आकलन किया जाए और उन्हें राहत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने आवश्यक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
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नर्मदा नदी का पानी जलाशयों तक पहुंचाएं
सिंघार ने पत्र में बाग ब्लॉक में पाइप लाइन के माध्यम से नर्मदा नदी का पानी जलाशयों में पहुंचाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि टांडा क्षेत्र, धोकधयड़ी, काकड़खुआ, गुराड़िया, बगोली, इंदिरा गांधी जलाशय, ताराघाटी, धायडी, खनिअंबा, बरेठा, गेटा, बड़कल, चामझर सहित अन्य जलाशयों में नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि किसानों को रबी की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई सुविधा मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध कराने की मांग भी की है।
अन्य जिलों में भी फसल सर्वे कराने की मांग
उमंग सिंघार ने कहा कि केवल धार ही नहीं, बल्कि प्रदेश के जिन अन्य जिलों में कम बारिश के कारण किसान प्रभावित हुए हैं, वहां भी सरकार तत्काल फसल सर्वे कराए और आवश्यकतानुसार सूखा प्रभावित घोषित कर किसानों को राहत प्रदान करे। उन्होंने कहा, संकट की इस घड़ी में किसानों को सरकार की राहत चाहिए, सिर्फ आश्वासन नहीं।
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