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तुर्किये-सीरिया में भूकंप से तबाही: अब तक 5000 से ज्यादा की मौत, भारत ने राहत सामग्री की दो खेप भेजी

अंकारा। तुर्किये और सीरिया में सोमवार को आए भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 5000 के करीब पहुंच गई है। अभी भी हजारों लोग लापता हैं और मलबे में दबे हुए हैं। मंगलवार को भी यहां दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं इंडियन एयरफोर्स का C-17 विमान 2 NDRF टीमों, डॉक्टरों और राहत सामग्री के साथ वहां पहुंच चुका है। खराब मौसम और ठंड के चलते रेस्क्यू में परेशानी भी आ रही है।

तुर्किये में 7 दिन का राष्ट्रीय शोक

तुर्किये के राष्ट्रपति राष्ट्रीय शोक ने सोमवार को देश में आए भूकंप के बाद सात दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।

मौत का आंकड़ा बढ़कर 5000 के करीब

तुर्की और सीरिया में करीब 5000 लोगों की मौत हो चुकी है। तुर्किये में 3,419 लोगों की जान जा चुकी है। 15 हजार से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, सीरिया में अब तक1,602 लोग मारे गए और 2 हजार से ज्यादा जख्मी हैं।

भूकंप के चलते कंपन इतना तेज था कि हजारों इमारतें ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गईं, अभी तक 5606 इमारतें गिर चुकी हैं।

मंगलवार को भी आया भूकंप

तुर्किये में मंगलवार को भी दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। मंगलवार को पहले 5.9 और फिर 5.7 की तीव्रता का भूकंप आया।

3 बड़े भूकंपों के बाद आई तबाही

तुर्किये और सीरिया में ये तबाही 3 बड़े भूकंपों के बाद आई। तुर्किये में सबसे पहले सोमवार सुबह करीब सवा 4 बजे 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र गजियांटेप इलाके में था। यह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर है। दूसरा करीब 10 बजे 7.6 तीव्रता का और तीसरा दोपहर 3 बजे 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसके अलावा 24 आफ्टर शॉक्स दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता 4 से 5 रही। बताया जाता है कि यह भूकंप तुर्किये में पिछली एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। इससे पूरे क्षेत्र में कंपन हो गया।

सीरिया में IS के 20 आतंकी जेल से फरार

सीरिया में भूकंप से सैकड़ों इमारतें भी तबाह हो गईं। इस दौरान उत्तर पश्चिमी सीरिया की एक जेल की भी दीवार गिर गई। जानकारी के मुताबिक, भूकंप का फायदा उठाकर IS के 20 आतंकी फरार हो गए।

तुर्किये के पोर्ट पर भीषण आग

तुर्किये के इसकेंदेरून पोर्ट पर सोमवार को भूकंप के बाद भीषण आग लग गई थी। मंगलवार दोपहर तक भी इस आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

भारतीय एयरफोर्स का C-17 विमान मदद लेकर तुर्की रवाना

भारत सरकार ने NDRF की 2 टीमें वहां भेजने का फैसला किया है। इसके अलावा राहत साम्रगी और डॉक्टरों की टीम को भी तुर्की में भेजा गया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने सोमवार को बताया कि तुर्किये के लिए NDRF दो टीमें, जिनमें 100 जवान स्पेशल ट्रेंड डॉग्स और जरूरी उपकरणों के साथ हैं। इनके अलावा जरूरी दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें भी तैयार हैं। राहत सामग्री तुर्किये सरकार और अंकारा में भारतीय दूतावास और इस्तांबुल में महावाणिज्य दूतावास के समन्वय से भेजी जाएगी। बैठक में कैबिनेट सचिव, गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), NDRF, रक्षा बलों, विदेश मंत्रालय (MEA) और साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और परिवार कल्याण के अधिकारी शामिल रहे।

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तुर्किये-सीरिया की मदद के लिए आगे आए ये देश

  • अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन से बात की है और कहा कि तुर्किये में रेस्क्यू अभियान में मदद और समर्थन करने के लिए अमेरिकी टीमों को तेजी से तैनात किया जा रहा है। इसके अलावा हेल्थ टीमें भी तैनात की जा रही हैं।
  • लॉस एंजिल्स काउंटी फायर डिपार्टमेंट ने 78 सदस्यों सर्च एंड रेस्क्यू टीम को तुर्किये भेजने का ऐलान किया है।
  • रूस ने 300 सैनिकों की 10 टीमें रेस्क्यू के लिए सीरिया भेजी हैं।
  • UNICEF यूनिसेफ तुर्किये सरकार और तुर्किये के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन के साथ मानवीय जरूरतों को पूरा करने में जुटा है। UNICEF सीरिया में भी मदद पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।
  • दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक येओल की ओर से कहा गया है कि हम तुर्किये की किसी भी तरह से मदद करने के लिए तैयार हैं।

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