
अंकारा। तुर्किये और सीरिया में भूकंप के बाद से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। अब तक 21 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। दोनों देशों में घायलों की संख्या बढ़कर 64 हजार पहुंच गई है। सीरिया में मारे गए लोगों को सामूहिक कब्र में दफनाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स ने यह दावा किया है कि तुर्किये में एक बार फिर भूंकप आ सकता है।
तुर्किये में जमीन के नीचे हलचल बढ़ी
एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि तुर्किये में एक बार फिर से जल्द ही 7 तीव्रता का भूकंप आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सीस्मोलॉजिस्ट डोगन पेरिनेक ने रूस की न्यूज एजेंसी के सामने यह दावा किया है। उन्होंने बताया कि ये भूकंप पश्चिमी तुर्किये की पोर्ट सिटी कैनाकाले के पास आएगा। डोगन पेरिनेक के मुताबिक काफी समय से यहां सिस्मिक तरंगों में हलचल बढ़ी है।
Earthquakes may happen anytime: what to do during the shaking?
🠪 INSIDE: take shelter, keep away from windows.
🠪 OUTSIDE: stay away from anything that might collapse (bridges, roofs, electrical wires). pic.twitter.com/xNU5jbVKf4— EMSC (@LastQuake) February 10, 2023
अपनी जगह से 10 फीट खिसका तुर्किये
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तुर्किये अपनी भौगोलिक जगह से 10 फीट खिसक गया है। बता दें कि, तुर्किये 3 टैक्टोनिक प्लेट्स- एनाटोलियन टैक्टोनिक प्लेट, यूरोशियन और अरबियन प्लेट के बीच बसा हुआ है। इटली के सीस्मोलॉजिस्ट डॉ. कार्लो डोग्लियोनी ने बताया कि टैक्टोनिक प्लेट्स में हुए इस बदलाव के चलते हो सकता है कि तुर्किये, सीरिया की तुलना में 5 से 6 मीटर (लगभग 20 फीट) और अंदर धंस गया हो।
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70 देशों ने भेजी मदद
विनाशकारी भूकंप की त्रासदी झेल रहे तुर्किये की मदद के लिए भारत समेत करीब 70 देशों ने मदद भेजी है। है। इस बीच यूएन ने कहा कि भारी बर्फबारी और बारिश की वजह से तुर्किये और सीरिया, दोनों ही देशों में बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है। तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने किसी भी नागरिक को सड़क पर नहीं छोड़ेंगे। तुर्किये और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत एवं बचाव दल दिन रात हजारों इमारतों के मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश में दिन रात जुटे हैं।
60 हजार बचावकर्मी दिन-रात लगे
तुर्किये के भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अब लगभग 60,000 बचाव कर्मी लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि, यहां ढह चुकी इमारतों की संख्या इतनी अधिक है कि लोग अब भी मदद के इंतजार में हैं। भूकंप के दो दिन बाद, रेस्क्यू टीम ने 3 वर्षीय बच्चे आरिफ कान को कहरामनमारस में एक ढह चुकी एक इमारत के मलबे के नीचे से निकाला। लड़के के पिता राहतकर्मी पहले ही सुरक्षित निकाल चुके थे। केसी मलबे से अपने बच्चे को सुरक्षित निकलते हुए देख अपने आंसू रोक नहीं पाया।
3 बड़े भूकंपों के बाद आई तबाही
तुर्किये और सीरिया में ये तबाही 3 बड़े भूकंपों के बाद आई। तुर्किये में सबसे पहले सोमवार सुबह करीब सवा 4 बजे 7.8 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र गजियांटेप इलाके में था। यह सीरिया बॉर्डर से 90 किमी दूर है। दूसरा करीब 10 बजे 7.6 तीव्रता का और तीसरा दोपहर 3 बजे 6.0 तीव्रता का भूकंप आया। इसके अलावा 24 आफ्टर शॉक्स दर्ज किए गए। इनकी तीव्रता 4 से 5 रही। बताया जाता है कि यह भूकंप तुर्किये में पिछली एक सदी से भी अधिक समय में आए सबसे बड़े भूकंपों में से एक है। इससे पूरे क्षेत्र में कंपन हो गया।