
आज की भागदौड़ और तनाव से भरी जिंदगी में लोग मानसिक शांति और संतुलन के लिए भक्ति और आध्यात्म का रास्ता अपनाते हैं। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन हम आपको लेकर चल रहे हैं भोपाल के नेहरू नगर स्थित करूणाधाम मंदिर, जहां मां लक्ष्मी के दर्शन से मन को मिलती है गहरी शांति और ऊर्जा।
करूणाधाम मंदिर की खासियत
यह मंदिर अपने दिव्य और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर मां लक्ष्मी का स्वरूप इतना मनमोहक है कि जो भी दर्शन करता है, उसका मन प्रसन्न और शांत हो जाता है।
दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
करूणाधाम मंदिर में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां आकर लोग बताते हैं कि उन्हें न सिर्फ मां का आशीर्वाद मिलता है, बल्कि मानसिक सुकून और आनंद भी अनुभव होता है।
मंदिर की वास्तु और आध्यात्मिक ऊर्जा
इस मंदिर का निर्माण मानव शरीर के सात चक्रों और श्री यंत्र की तर्ज पर किया गया है। यही कारण है कि इसे ध्यान और साधना का केंद्र भी माना जाता है।
नवरात्र में विशेष पूजा और साधना
मंदिर के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज बताते हैं कि नवरात्र में मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के विशेष उपाय किए जाते हैं। यहां पूजा, ध्यान और साधना से भक्तों को मां का आशीर्वाद मिलता है।
आध्यात्म से जोड़ता है यह मंदिर
जो भी यहां आता है, वह खुद को आध्यात्म से जुड़ा हुआ और तनाव से मुक्त महसूस करता है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि मानसिक रूप से भी एक उपचार केंद्र जैसा है।
नवरात्र के नौ दिनों में पीपुल्स अपडेट ने आपको नौ अलग-अलग मंदिरों के दर्शन कराए। आगे भी हम देश के ऐसे ही प्रसिद्ध और दिव्य मंदिरों की जानकारी आप तक पहुंचाते रहेंगे। जय माता दी!