मां-बाप ने चेहरा तक नहीं देखा था... RIMS के SNCU में लगी आग, 5 दिन के मासूम समेत 3 नन्हीं जिंदगियां खत्म

तेलंगाना के आदिलाबाद स्थित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी RIMS अस्पताल में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट यानी SNCU में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग वार्ड में लगे AC में खराबी के बाद लगी। आग लगते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जिस वार्ड में नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था, वहां धुआं और आग फैलने के बाद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की गई। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का काम शुरू किया। हादसे के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, अब तक तीन नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है। मृतकों में एक महज पांच दिन का बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है।
20 से ज्यादा नवजातों को तुरंत किया गया शिफ्ट
SNCU में हादसे के समय बड़ी संख्या में नवजात बच्चे भर्ती थे। आग लगने के बाद उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई। अस्पताल प्रशासन ने बच्चों को वार्ड से निकालकर दूसरे अस्पतालों में भेजना शुरू किया। जानकारी के मुताबिक, 20 से ज्यादा नवजात बच्चों को इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में रेफर किया गया। इनमें कई बच्चों को निजामाबाद और आसपास के अस्पतालों में भेजा गया, ताकि उन्हें बिना देरी के जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सके। अस्पताल प्रशासन और मेडिकल टीम ने बच्चों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाए। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को दूसरे अस्पतालों में भेजना इसलिए जरूरी था, क्योंकि SNCU में भर्ती नवजातों को लगातार निगरानी और विशेष उपचार की जरूरत होती है।
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निजामाबाद में इलाज के दौरान एक और नवजात की मौत
हादसे के बाद दूसरे अस्पतालों में भेजे गए बच्चों का इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान निजामाबाद में रेफर किए गए एक नवजात की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। इन मौतों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह और हादसे में बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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पांच दिन के मासूम की मौत से पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों में एक महज पांच दिन का नवजात भी बताया जा रहा है। जिस उम्र में बच्चे को विशेष देखभाल और निगरानी की जरूरत होती है, उसी दौरान अस्पताल के SNCU में आग की घटना ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। SNCU में भर्ती बच्चों की हालत पहले से ही संवेदनशील होती है। ऐसे में आग और धुएं की वजह से उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना बेहद जरूरी था। हादसे के बाद कई परिवार अपने बच्चों की स्थिति जानने के लिए अस्पताल और रेफर किए गए अस्पतालों में पहुंचे।
अब हादसे की वजह और सुरक्षा व्यवस्था पर उठेंगे सवाल
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में AC में खराबी के बाद आग कैसे इतनी तेजी से फैली और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था ने किस तरह काम किया। फिलहाल हादसे की पूरी परिस्थितियों, आग लगने की वजह और सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच की जरूरत है। अधिकारियों की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि आग कैसे लगी और इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई कमी थी या नहीं।



















