
श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से भागा नर चीता ओबान करीब 5-6 दिन के बाद पकड़ लिया गया है। चीता शिवपुरी बैराड़ के गांव रामपुरा में पहुंच गया। वन विभाग के तमाम प्रयास के बाद गुरुवार शाम को साउथ अफ्रीका से आई टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ा। शुक्रवार सुबह उसे वापस कूनो में छोड़ दिया है। जबकि, आशा नामक मादा चीता वापस नहीं आई है। वन विभाग की अलग-अलग टीम चीतों की निगरानी कर रही है।
शिवपुरी क्षेत्र के जंगल में घूम रहा था ओबान
बता दें कि करीब 5 से 6 दिन पहले ओबान चीता कूनो पार्क से निकलकर शिवपुरी क्षेत्र के जंगल में पहुंच गया था। वह पिछले तीन दिन से शिवपुरी जिले के बैराड़ तहसील क्षेत्र के जंगल से लगे रिहायशी क्षेत्र में घूम रहा था। गुरुवार शाम को दक्षिण अफ्रीका से आई स्पेशल टीम ने डाबरपुरा गांव के जंगल से उसे रेस्क्यू कर पकड़ लिया है। बता दें कि कूनो की टीम लगातार चीते की मॉनिटरिंग कर रही थी। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों से पोहरी वन विभाग और पुलिस की टीम भी चीते की सुरक्षा में तैनात थी।
बुधवार को ओबान ने जौराई गांव के जंगल में चीतल का शिकार भी किया था। ओबान चीते को पकड़ लिया और पिंजरे में बंद कर वापस कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया।
#श्योपुर : #कूनो_नेशनल_पार्क से भागा चीता #ओबान को पकड़ लिया गया है। चीता विशेषज्ञ और डॉक्टरों की टीम ने एक खेत में चीते को #ट्रेंकुलाइज किया। उसे वापस #कूनो में छोड़ दिया है।@ntca_india @minforestmp #KunoNationalPark #Cheetah #MPNews #PeoplesUpdate @Collectorsheop1… pic.twitter.com/DIbzqF3eGf
— Peoples Samachar (@psamachar1) April 7, 2023
कूनो के बफर जोन में है आशा
फिलहाल, मादा चीता आशा अभी भी बाहर है। आशा पिछले 4 दिनों से कूनो से बाहर है, जिस पर वन विभाग का अमला निगरानी बनाए हुए है। गुरुवार को आशा वीरपुर इलाके के प्रसिद्ध धौरेट सरकार मंदिर के जंगल में सैर बाबा के स्थान के आसपास देखी गई है, यह इलाका कूनो के बफर जोन के अंतर्गत आता है। कूनो डीएफओ प्रकाश वर्मा का कहना है कि आशा तो कूनो नेशनल पार्क की सीमा में ही घूम रही है, जो रात या कल तक कूनो पार्क में आ जाएगी।
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भारतीय भूमि पर जन्मे 4 शावक
मादा चीता ‘साशा’ की मौत हो गई थी। मादा चीता ‘साशा’ के अंतिम संस्कार के एक दिन बाद ही दूसरी मादा चीता ‘सियाया’ ने चार शावकों को जन्म दिया था। यह भारतीय भूमि पर 1947 के बाद जन्मे चीता के पहले चार शावक हैं।
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अब बचे केवल 19 चीते
साशा की मौत के साथ कूनो में चीतों की संख्या 19 हो गई है। इससे पहले 17 सितंबर को कूनो में 8 चीते नामीबिया से और 18 फरवरी को दक्षिण 12 चीते अफ्रीका से लाए गए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने फरवरी में इन्हें बाड़े में रिलीज किया था। इसके बाद कूनो में चीतों की संख्या 20 हो गई थी।
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