
अमृतसर। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर को गुरुवार को अमृतसर एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया। वह लंदन जाने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। सुरक्षा एजेंसियां भी किरणदीप कौर से पूछताछ कर रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, वारिस पंजाब दे चीफ अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर सुबह 11.30 बजे श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची थीं। वो दोपहर 1.30 बजे की फ्लाइट से लंदन रवाना होने वाली थीं। एयरपोर्ट पर ही उनसे पूछताछ की जा रही है।

ब्रिटेन में बब्बर खालसा से संबंध होने का आरोप
अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर के खिलाफ देशभर में अभी कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं है। उन्हें उसी कानूनी प्रक्रिया के तहत रोका गया है, जिसके तहत फरार आरोपियों के परिवार और उसके जानने वालों से पूछताछ की जाती है। किरणदीप NRI है। किरणदीप कौर यूनाइटेड किंगडम (यूके) की नागरिक है। किरणदीप के दादा 1951 में यूके चले गए थे, तभी से उनका परिवार वहीं रह रहा है। किरणदीप पर भी ब्रिटेन में बब्बर खालसा से संबंध होने और फंडिंग के आरोप लगे हैं। हालांकि, किरणदीप ने इन आरोपों को नकार दिया है।
किरणदीप ने कहा था- अमृतपाल को छोड़कर नहीं जाऊंगी
इसी साल 10 फरवरी को अमृतपाल ने दुबई से पंजाब लौटकर पैतृक गांव जल्लूपुर खेड़ा में किरणदीप कौर से शादी की थी। यह समारोह पूरी तरह गुप्त रखा गया था। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह 18 मार्च से फरार है। जिसको लेकर किरणदीप कौर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, वो अमृतपाल को छोड़कर नहीं जाएंगी। अमृतपाल सिर्फ धर्मप्रचार कर रहे थे, उन्हें गलत आरोपों में फंसाया जा रहा है।
कौन है अमृतपाल सिंह
30 वर्षीय अमृतपाल सिंह पंजाब में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन संचालित करता है। एक्टर-एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने ये संगठन बनाया था। 15 फरवरी 2022 को उसकी सड़क हादसे में मौत होने के बाद इस संगठन की कमान कुछ महीने पहले ही दुबई से लौटे अमृतपाल सिंह ने संभाली और वो इसका प्रमुख बन गया। जिसके बाद ‘वारिस पंजाब दे’ वेबसाइट बनाई गई और लोगों को संगठन से जोड़ना शुरू किया गया। खालिस्तानी ताकतों को एकजुट करने वाला अमृतपाल 2012 में दुबई चला गया था। वहां उसने ट्रांसपोर्ट का कारोबार किया।

नशा मुक्ति केंद्रों को अवैध हथियारों का स्टोर बनाया
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि अमृतपाल ने पंजाब आते ही ऐसे पूर्व सैनिकों को तलाशना शुरू कर दिया था, जिनके पास हथियारों का लाइसेंस है। वह नशा मुक्ति केंद्रों में अवैध हथियारों का जखीरा रखता था। जो भी युवक इन केंद्रों में इलाज के लिए आते थे, पहले उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। युवकों को अमृतपाल के अनुसार चलने के लिए कहा जाता था। अगर उन्होंने बात नहीं मानी तो और भी प्रताड़ित किया जाता था।

अमृतपाल आनंदपुर खालसा फौज का लोगो भी मिला
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल आनंदपुर खालसा फोर्स (एकेएफ) नाम से अपनी एक फौज तैयार करने की तैयारी में था। अमृतपाल के साथी जो भी हथियार या शॉल का इस्तेमाल करते थे, उन पर AKF लिखा होता था। अमृतपाल आनंदपुर खालसा फौज का लोगो भी सामने आया है। उसके पाकिस्तानी खुफिया आईएसआई से लिंक भी सामने आ रहे हैं।
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