
मुंबई। महात्मा गांधी के पोते अरुण गांधी का मंगलवार सुबह महाराष्ट्र के कोल्हापुर में निधन हो गया। 89 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली, वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। अरुण गांधी के बेटे तुषार गांधी ने मंगलवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। वे लेखक होने के साथ सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता भी थे।
Bereaved. Lost my father this morning🙏🏽
— Tushar बेदखल (@TusharG) May 2, 2023
कौन हैं अरुण मणिलाल गांधी?
अरुण मणिलाल गांधी का जन्म 14 अप्रैल 1934 को दक्षिण अफ्रीका के डरबन में हुआ था। वे महात्मा गांधी के दूसरे बेटे मणिलाल गांधी के बेटे हैं। उनके पिता यहां छपने वाले अखबार इंडियन ओपिनियन के संपादक रहे, जबकि मां इसी अखबार में पब्लिशर रहीं। वहीं अरुण गांधी ने सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर कार्यकर्ता के तौर पर काम किया। उन्होंने अपने दादा राष्ट्रपिता के ही नक्शे कदम पर चलते हुए लेखक और एक्टिविस्ट के रूप में महाराष्ट्र के लोगों की सेवा की। अरुण गांधी ने कुछ किताबें भी लिखी हैं। इनमें द गिफ्ट ऑफ एंगर: एंड अदर लेसन्स फ्रॉम माई ग्रैंडफादर महात्मा गांधी प्रमुख हैं।