
राजीव सोनी- भोपाल। ayodhya, धारा 370 और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) जैसे मुद्दों की चमक फीकी पड़ती देख आरएसएस और सत्तासं गठन ने नए सिरे से अलख जगाने की मुहिम शुरू कर दी है। लोकसभा चुनाव के दौरान पब्लिक में इन मुद्दों की गर्माहट और धार पैनी बनाए रखने घर-घर जाकर संकल्प दिलाने की योजना है। भाजपा और संघ से जुड़े संगठनों ने तीन महीने पहले जैसे कलश यात्राएं और पीले चावल बांटकर धार्मिक माहौल बनाया था एक बार फिर वैसा ही कुछ करने का प्लान है। संघ ने इसके लिए टोलियां गठित कर दी हैं।
दिल्ली में सत्ता-संगठन और संघ से जुड़े प्रमुख नेताओं की खास बैठक में विभिन्न राज्यों से मिले इनपुट्स और सर्वे रिपोर्ट्स के ब्योरे पर चर्चा हुई। बताया गया कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की चमक-धमक भी अब सामान्य होने लगी है। इसी तरह अनुच्छेद 370 और सीएए जैसे फैसलों की धार उतनी पैनी नहीं रही। एक देश एक कानून के लिए यूसीसी की सरगर्मी बढ़ाने पर सहमति बनी। देश में सभी धर्म, समुदायों के लिए एक जैसे कानून के मसौदे ‘यूसीसी’ को उत्तराखंड सरकार मंजूरी दे चुकी है।
जन्मोत्सव, चलो अयोध्या…
यह भी तय किया गया कि रामनवमी के मौके पर अयोध्या के उत्सव की जोर-शोर से चर्चा हो और लोगों को यह भी बताया जाए कि ‘पाप करने वालों को भूलना मत…। अर्थात कांग्रेस व अन्य दलों ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकरा दिया था। अब 17 अप्रैल को राम नवमी आ रही है लोग जन्मोत्सव मनाने अयोध्या जाएंगे। सामाजिक संगठनों के जरिए इसके लिए लोगों को प्रोत्साहन के साथ सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।