
रायसेन। मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय गिद्ध गणना 2025 के दौरान रायसेन जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस सफलता का श्रेय सामान्य वन मंडल अधिकारी विजय कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम को जाता है।
17 से 19 फरवरी 2025 के बीच आयोजित तीन दिवसीय गिद्ध गणना सुबह 7 से 9 बजे तक रायसेन के सामान्य वन मंडल और औबेदुल्लागंज मंडल में संपन्न हुई। गिद्धों की सटीक पहचान के लिए वनकर्मियों को भोपाल स्थित वन भवन में विशेष प्रशिक्षण दिया गया था।
रायसेन सामान्य वन मंडल में गणना
- 17 फरवरी : 15 स्थलों पर 726 गिद्ध दर्ज
- 18 फरवरी : 16 स्थलों पर 951 गिद्ध दर्ज
- 19 फरवरी : 18 स्थलों पर 934 गिद्ध दर्ज
औबेदुल्लागंज वन मंडल में गणना
- 17 फरवरी : 15 स्थलों पर 377 गिद्ध दर्ज
- 18 फरवरी : 16 स्थलों पर 549 गिद्ध दर्ज
- 19 फरवरी : 16 स्थलों पर 463 गिद्ध दर्ज
गिद्धों की प्रमुख प्रजातियां
- सफेद पीठ (White-rumped Vulture)
- देशी गिद्ध (Long-billed Vulture)
- सफेद गिद्ध (Egyptian Vulture)
- राजगिद्ध (Red-headed Vulture)
- हिमालयन गिद्ध (Himalayan Vulture)
- यूरेशियन ग्रिफन (Eurasian Griffon)
पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना वृद्धि
रायसेन वन मंडल में गिद्धों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2024 में जहां अधिकतम संख्या 314 थी, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 951 हो गई। इस सफलता के पीछे डायक्लोफिनाक और निमुलसाइड जैसी जानलेवा दवाओं के उपयोग पर नियंत्रण हेतु पशु चिकित्सा विभाग के साथ किए गए समन्वय को अहम माना जा रहा है।
गिद्धों की बढ़ती संख्या को बनाए रखने के लिए रायसेन के बीट सरार क्षेत्र में एक “वल्चर रेस्टोरेंट” स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत गिद्धों के लिए सुरक्षित रहवास, भोजन की पर्याप्त उपलब्धता और मानवीय दबाव को नियंत्रित करने की योजना है।