
पश्चिम बंगाल में छापेमारी के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अफसरों पर हमले के घटना के बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। आरोप लगाया गया है कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के समर्थकों द्वारा छापा मारने गई टीम पर हमले के बाद विपक्ष ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। वहीं, राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस ने भी संकेत दिया है कि वह सभी संवैधानिक विकल्पों पर विचार कर मामले पर उचित कार्रवाई करेंगे।
मामला उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली का है। यहां ईडी की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ तृणमूल कांग्रेस नेता शेख शाहजहां के आवास पर छापा मारने गई थी। हालांकि, टीएमसी ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि ईडी और साथ में गए सुरक्षा बलों ने लोगों को उकसाया। इस दौरान शेख शाहजहां के समर्थकों नें अधिकारियों के साथ ही उनके वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया।
इस केस के सिलसिले में हुई छापेमारी
शाहजहां प्रदेश में मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के करीबी हैं, जो करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में पहले से ही हिरासत में हैं। यह छापेमारी इसी केस के सिलसिले में की गई थी। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि जब ईडी के अफसर सुबह संदेशखली इलाके में शेख के आवास पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में तृणमूल समर्थकों ने अधिकारियों और उनके साथ आए केंद्रीय बलों के जवानों को घेर लिया। इसके बाद उन्होंने हमला बोल दिया, जिसके बाद अफसर ऑटो रिक्शा और बाइक से वापस लौटे। इस घटना में दो अफसरों को सिर में गंभीर चोट लगी है और वे अस्पताल में भर्ती हैं।
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