
नरेन्द्र सिंह-जबलपुर। जिलाध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं में घमासान की स्थिति बन रही है। अपने समर्थकों को पद दिलवाने के लिए सांसद, मंत्री, विधायकों के साथ ही अन्य नेताओं में आपाधापी मची है। हर बड़ा नेता इसी कोशिश में लगा है कि उसकी पसंद का जिलाध्यक्ष हो। कुछ जिलों में कांग्रेस से आए नेताओं के नाम पर रार हो रही है।
कहीं आपस में रार तो कहीं को-ऑर्डिनेशन नहीं बन पा रहा
- जबलपुर: यहां पर अजय विश्नोई, प्रभात साहू और मंत्री राकेश सिंह के बीच पटरी नहीं बैठ रही।
- छिंदवाड़ा: यहां सांसद बंटी साहू टीकाराम चंद्रवंशी या किसी महिला को जिलाध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। दूसरा गुट पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रभान सिंह का है, जो शंटी बेदी का समर्थक है।
- सिवनी: जिले में विधायक मुनमुन राय कांग्रेस से आए हुए हैं, उनका मूल भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय नहीं बन पा रहा है। दूसरा गुट आलोक दुबे के साथ है। पूर्व विधायक नरेश दिवाकर, पूर्व सांसद नीता पटेरिया को इनका समर्थन है।
- बालाघाट: पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन बेटी मौसम तो पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे खुद अध्यक्ष बनना चाहते हैं।
- सतना : सांसद गणेश सिंह समर्थक सतीश कुमार शर्मा जिलाध्यक्ष हैं। यहां मंत्री प्रतिमा बागरी बदलाव चाहते हैं।
- रीवा: अभी डॉ. अजय सिंह पटेल जिलाध्यक्ष हैं, इन्हें प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का समर्थन है , लेकिन उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और सांसद जनार्दन मिश्रा दोनों नए अध्यक्ष चाहते हैं।
- पन्ना: जिले में बृजेंद्र मिश्रा को दो साल हुए हैं। वे रिपीट होने के प्रयास में हैं लेकिन संभावनाएं बहुत कम हैं।
- सीधी: यहां विधायक रीति पाठक और सांसद के बीच सहमति नहीं बन रही है।