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एक जुलाई से नया कानून, मॉब लिंचिंग में अब मृत्युदंड तक की सजा

राजद्रोह का अपराध खत्म कर उसकी जगह माना जाएगा देशद्रोह, तलाशी और जब्ती के दौरान होगी वीडियोग्राफी

शुशांत पांडे-ग्वालियर। एक जुलाई से अब पुलिस नई धाराओं के साथ अपराध दर्ज करेगी। आईपीसी की धारा 511 से हटाकर 311 कर दी गई है। नए आपराधिक कानून में राजद्रोह के अपराध को खत्म करके अब उसे देशद्रोह का माना जाएगा। वहीं मॉब लिचिंग को ऐसे अपराध के रूप में शामिल किया गया है जिसमें अधिकतम सजा मृत्युदंड है। आने वाले समय में अब इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), क्रिमिनल प्रोसीजर कोड (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होगा। नए कानून में अब पुलिस की की पारदर्शिता और बढ़ जाएगी, जिसके चलते अब आरोपी की तलाशी और जब्ती के दौरान पुलिस बीएनएस की धारा 105 के तहत अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करेगी।

नए कानून की कुछ विशेषताएं

  • महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध एक अध्याय में समेकित
  • धारा 69: झूठे वादे पर यौन संबंध पर सख्त सजा का प्रावधान
  • धारा 70(2): सामूहिक बलात्कार की सजा में मृत्यु दंड का प्रावधान
  • बीएनएस में किए गए मुख्य परिवर्तन
  • आईपीसी की 511 धारा घटाकर की गई 358
  • बीएनएस में जोड़े गए 20 नए अपराध
  • 6 छोटे अपराधों में सामुदायिक सेवा का प्रावधान
  • कई अपराधों में जुर्माना बढ़ाया गया

प्रमुख धाराएं जो बदली गईं

  • 1860 आईपीसी- बीएनएस 2023 धारा
  • 302(हत्या)- 103
  • 307 (हत्या का प्रयास)- 109
  • 376 (बलात्कार)
  • 304ए (उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना)-106
  • 363 (अपहरण)-139
  • 395 (लूट)- 310(2)
  • 379 (चोरी)-303 (2)
  • 354 (छेड़छाड़)-78
  • 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना)-108

ट्रेनिंग दी गई है

एक जुलाई से लागू होने वाले नए कानून के तहत सभी थाना प्रभारियों को ट्रेनिंग दी गई है। इस प्रकार नए कानून के तहत जहां एक ओर अब पुलिस की पारदर्शिता और बढ़ जाएंगी वहीं पीड़ित या फरियादी को जल्द न्याय मिले सकेगा। -धर्मवीर सिंह, एसपी ग्वालियर

नया कानून संविधान की रूपरेखा के अनुसार बनाया गया है, जिसमें वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी बदलाव किए गए हैं। -बृजेश कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता

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