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Z+ सिक्योरिटी मतलब ‘जासूसी’! शरद पवार यह क्या बोल रहे हैं…

मुंबई। केंद्र सरकार ने नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार को जेड प्लस (Z+) सिक्योरिटी दी है। सुरक्षा दिए जाने के बाद इस पर शरद पवार की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शरद पवार ने कहा कि उन्हें दी गई ‘जेड प्लस’ सुरक्षा उनके बारे में ‘‘प्रामाणिक जानकारी” हासिल करने का जरिया हो सकती है, क्योंकि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने शरद पवार को बुधवार को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा प्रदान की। यह VIP को दी जाने वाली सर्वोच्च श्रेणी की सुरक्षा है। राजनेता (83) ने उनकी सुरक्षा बढ़ाने के बारे में पूछने पर गुरुवार को नवी मुंबई में मीडिया से कहा कि उन्हें इस कदम के पीछे के मकसद की जानकारी नहीं है।

शरद पवार ने कसा तंज

शरद पवार ने कहा- गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने मुझे बताया कि सरकार ने तीन लोगों को ‘जेड प्लस’ सुरक्षा देने का फैसला किया है और मैं उनमें से एक हूं… अन्य दो लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हैं।

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आ रहे हैं, इसलिए यह मेरे बारे में प्रामाणिक जानकारी हासिल करने का जरिया हो सकता है।

55 सशस्त्र कर्मी संभालेंगे जिम्मा

पवार की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 55 सशस्त्र कर्मियों के एक इज को नियुक्त किया गया है। वीआईपी सुरक्षा का वर्गीकरण ‘जेड प्लस’ (सर्वोच्च) से शुरू होता है, उसके बाद ‘जेड’, ‘वाई प्लस’, ‘वाई’ और ‘एक्स’ आते हैं।

किसे मिलती है जेड प्लस सुरक्षा ?

सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय गृह मंत्रालय का है, लेकिन हर कोई जेड प्लस सुरक्षा के लिए पात्र नहीं है, बल्कि यह चुनिंदा लोगों को प्रदान की जाती है। दरअसल, यह सुरक्षा केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, शीर्ष अधिकारियों, आध्यात्मिक नेताओं और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को प्रदान की जा सकती है।

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