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गुलाम नबी आजाद के बाद अब आनंद शर्मा का इस्तीफा, बताई ये वजह

पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की संचालन समिति के अध्यक्ष पद से रविवार को इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में आनंद शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। आनंद शर्मा ने पत्र में लिखा- उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंची है, क्योंकि उन्हें पार्टी की किसी भी बैठक में सलाह या आमंत्रित नहीं किया गया है। उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है।

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हिमाचल प्रदेश के बड़े नेताओं में हैं शामिल

पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता आनंद शर्मा को 26 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में संचालन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बता दें कि आनंद शर्मा को हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े नेताओं में माना जाता है।

इस साल के अंत में होने हैं चुनाव

आनंद शर्मा ने पहली बार 1982 में विधानसभा चुनाव लड़ा था। वह कई बार राज्यसभा के सदस्य और पार्टी में कई प्रमुख पदों पर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले ही आनंद शर्मा का इस्तीफा आया है। बता दें कि इस साल के अंत में ही हिमाचल में चुनाव होने हैं, जिसे लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है।

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गुलाम नबी आजाद ने भी दिया था इस्तीफा

जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस ने बड़ा सियासी परिवर्तन करते हुए अपने संगठन में कई नए चेहरों को जगह दी थी। इसी कड़ी में पार्टी ने गुलाम नबी आजाद को प्रचार समिति का अध्यक्ष बना दिया था। लेकिन, आजाद ने अध्यक्ष बनाए जाने के चंद घंटों बाद ही पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, इस्तीफा देने की वजह अब तक साफ नहीं है।

दरअसल, आनंद शर्मा और गुलाम नबी आजाद दोनों G-23 समूह के नेता हैं, जो पार्टी नेतृत्व के फैसलों के आलोचक रहे हैं। वहीं, भूपिंदर सिंह हुड्डा और मनीष तिवारी सहित प्रमुख दिग्गजों का समूह भी ब्लॉक से लेकर सीडब्ल्यूसी स्तर तक वास्तविक चुनावों पर जोर देता रहा है।

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