
इंदौर। राखी का त्यौहार नजदीक है। नगर निगम द्वारा लगातार दो दिनों से इंदौर के हृदय स्थलीय राजवाड़ा पर रेहड़ी और फुटकर व्यापारियों की दुकानों को लगातार हटाया जा रहा है। इसका विरोध फुटकर व्यापारी लगातार कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है, जिसके चलते बुधवार को व्यापारियों द्वारा चक्का जाम कर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की गई।
लोन को कैसे चुकाएंगे : व्यापारी
बुधवार सुबह इंदौर के राजवाड़ा पर रेहड़ी और फुटकर व्यापारियों ने राखी के त्यौहार के पहले ही राखियों को जलाकर अपना प्रदर्शन किया। व्यापारियों का कहना था कि हमने मुख्यमंत्री योजना से जो लोन की सुविधा दी जा रही, इसमें कई व्यापारियों ने बैंक से छोटे-छोटे लोन लिए हुए हैं। लेकिन नगर निगम हमें व्यवसाय नहीं करने दे रही। हम इस लोन को कैसे चुकाएंगे।
व्यापारियों का कहना था कि मामा (सीएम शिवराज) ने छोटे व्यापारियों के लिए जब यह योजना चालू की थी। इंदौर के सैकड़ों की संख्या में व्यापारियों ने 10 हजार से लेकर तो 30 हजार तक का लोन ले रखा है, जिससे वह रोजाना अपना व्यवसाय कर घर चलते हैं।
गाड़ियां और ठेलों को हटाया जा रहा
इस योजना से कई लोगों को रोजगार प्राप्त हो, लेकिन उसके बावजूद भी नगर निगम हमें व्यवसाय नहीं करने दे रहा है। त्यौहार के चलते नगर निगम लगातार रोजाना छोटे व्यापारियों की गाड़ियां और ठेलों को हटाकर उन्हें व्यापार नहीं करने दे रहा हैं। आने वाले समय में जब लोन की किस्त नहीं भर पाएंगे तो बैंक अधिकारी घर के बाहर खड़े रहेंगे और हम लोन भरने में असमर्थ हो जाएंगे। ऐसे में व्यापारी करें तो क्या करें।
व्यापारियों का कहना था कि चुनावी साल में यदि नगर निगम छोटे व्यापारियों पर इस तरह से कार्रवाई करते हुए उन्हें व्यापार व्यवसाय नहीं करने देगा तो आने वाले समय में क्या होगा। व्यापारियों ने यह साफ कह दिया आने वाले समय में बीजेपी के लिए क्या करना है हम देखेंगे।
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— Peoples Samachar (@psamachar1) August 23, 2023
10 साल की मासूम ने लगाए आरोप
10 साल की मासूम ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि नगर निगम वाले उसे सड़क किनारे दुकान नहीं लगाने देते हैं। नगर निगम की गाड़ियां कभी भी आ जाती है और दुकान में रखा हुआ सामान उठाकर ले जाती है। नन्हीं बच्ची का कहना था कि दो वक्त का गुजारा इन फुटपाथों पर लगी हुई दुकानों से ही हो रहा है, लेकिन निगम वाले उनके मुंह से निवाला और उनकी शिक्षा दोनों को छीन रहे हैं।
व्यापारी एसोसिएशन सौंप चुका निगम-पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन
दरअसल, कुछ दिनों पहले नगर निगम में बनी हुई कपड़ा दुकानों पर कुछ और सामाजिक तत्वों द्वारा व्यापारियों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन द्वारा नगर निगम कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन दिया गया था। उन्होंने दुकानों के सामने लगने वाली रेहड़ी के व्यापारियों द्वारा अभद्रता की शिकायत की थी। कपड़ा व्यापारी सहित कई संगठन एक साथ हो गए थे और उनकी शिकायत के बाद ही नगर निगम द्वारा यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसका विरोध अब उठकर व्यापारी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
(इनपुट – हेमंत नागले)