
नई दिल्ली। दिल्ली शराब घोटाला मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने पत्नी के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत का रुख किया है। सिसोदिया ने अपनी पत्नी के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सा आधार का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। इस मामले में बुधवार को कोर्ट ने CBI को नोटिस जारी कर दिया है।
Former Delhi Deputy CM Manish Sisodia moves Delhi High Court seeking interim bail citing medical grounds for his wife's health. Court issued notice to CBI in this matter.
— ANI (@ANI) May 3, 2023
AAP सरकार पर लगे ये आरोप
केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोप है कि दिल्ली सरकार की 2021-22 की आबकारी नीति में शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने के लिए कुछ डीलरों को फायदा पहुंचाया गया, जिन्होंने कथित तौर पर इसके लिए रिश्वत दी थी।
हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस आरोप को खारिज किया था। यह नीति बाद में वापस ले ली गई थी। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने 17 अगस्त 2022 को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कहा था कि यह आरोप लगाया गया है कि आबकारी नीति में संशोधन, लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देना, लाइसेंस शुल्क में छूट/कमी, अनुमोदन के बिना एल-1 लाइसेंस का विस्तार आदि सहित अनियमितताएं की गईं।
सिसोदिया पर लगे हैं ये आरोप
जांच एजेंसी ने सिसोदिया को दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) की आबकारी नीति में अनियमितताओं के संबंध में गिरफ्तार किया था। आरोप हैं कि दिल्ली की आबकारी नीति में शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए बदलाव किए गए और उनसे मोटी रकम वसूली गई। कोर्ट में सिसोदिया ने कहा कि सीबीआई बार-बार एक ही सवाल पूछकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है।
26 फरवरी को गिरफ्तार हुए थे सिसोदिया
मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। दो दिन बाद उन्होंने 28 फरवरी 2023 को दिल्ली के डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 4 मार्च 2023 को राउज एवेन्यू कोर्ट ने सिसोदिया की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) रिमांड बढ़ा दी।
मनीष सिसोदिया ने कोर्ट में कहा था कि- सीबीआई के अधिकारी मेरी देखभाल कर रहे हैं और सम्मानपूर्वक व्यवहार कर रहे हैं। किसी तरह की थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। लेकिन वे मुझे रोजाना 9-10 घंटे बैठा रहे हैं और वही सवाल बार-बार पूछ रहे हैं। यह मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है।” इस पर कोर्ट ने सीबीआई को बार-बार सवाल नहीं पूछने का निर्देश दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता ने एक ट्रायल कोर्ट में अपनी जमानत याचिका में कहा कि उन्हें हिरासत में रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा, क्योंकि सभी बरामदगी पहले ही की जा चुकी है।
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